मुख्यपृष्ठस्तंभक्लीन बोल्ड : बेबीसीटर बन आ जाती फिरोजा

क्लीन बोल्ड : बेबीसीटर बन आ जाती फिरोजा

अमिताभ श्रीवास्तव

पाकिस्तानी अभिनेत्री है वो, जिसे पाकिस्तानी टीम और कप्तान बाबर की चिंता सता रही है। हालांकि, ये सुर्खियां बटोरने के फंडे हैं, बाकी उसे और उस जैसे लोगों को कोई ज्यादा मतलब नहीं होता। मौका भी विश्वकप का है और दुनियाभर की नजर हिंदुस्थान पर लगी हुई है। ऐसे में पाकिस्तानी अभिनेत्री फिरोजा मोहम्मद ने इंस्टा पर एक मैसेज पोस्ट किया बाबर की तस्वीर के साथ। उसने लिखा हमारे लड़कों का ख्याल रखना हिंदुस्थान में दो महीनों के लिए। इसके जवाब में कई यूजर्स ने फिरोजा को दो टूक उत्तर दिए हैं। एक ने लिखा हमारे यहां बस में फायरिंग नहीं होती, चिंता मत करो। दूसरे ने जवाब दिया कि वर्ल्डकप खेलने आए हैं कोई प्ले स्कूल नहीं है। एक अन्य यूजर लिखता है कि तुम भी साथ आ जाती बेबीसीटर बनकर। दरअसल, फिरोजा अपने मैसेज से ये जताना चाह रही है कि हिंदुस्थान में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खतरा है। वो विवाद भी पैदा करना चाहती है और बवाल भी, ताकि उसे तो सुर्खियां मिल जाए इस बहाने हिंदुस्थान को भी नीचा दिखाया जा सके। मगर फिरोजा को उसके ही देश में तवज्जो नहीं मिल रही।
हाय चौका नहीं दिया!
हाय चौका नहीं दिया और रोने लगी अभिनेत्री। पिटाई भी हुई वो अलग। ये मजेदार वाक्या है एक ऐसे सेलिब्रेटी मैच का जिसमें एक चौका न देने के कारण बवाल मचा। मारपीट हुई। अभिनेत्री की धुनाई हो गई। मामला बांग्लादेश का है। बांग्लादेश में सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग के दौरान अंपायर के एक पैâसले से दोनों टीमों के प्लेयर इतना भड़क गए कि मारपीट की नौबत आ गई। गुस्साए एक पक्ष ने महिला अभिनेत्री को पीट दिया। बताया जा रहा है कि मामला एक चौका न देने के कारण बढ़ा था। मारपीट के दौरान जमकर लात-घूंसे, बल्ला और कुर्सी चलीं। इसमें ६ खिलाड़ी जख्मी हो गए। बताया जा रहा है कि फिल्म निर्माता मुस्तफा कमाल राज और दीपांकर दीपोन की टीम के बीच ग्रुप स्टेज मैच में भयानक लड़ाई हुई थी। घायल लोगों की पहचान शिशिर सरदार, राज रिपा, जॉय चौधरी और आशिक जाहिद के रूप में हुई है।
कोई बात नहीं अदिति
एक तो गोल्फ में हिंदुस्थान वैश्विक मंच पर ज्यादा सफल नहीं है, दूसरे यदि उसका कोई खिलाड़ी विश्व में अपने खेल से परचम लहराए रखे तो यह बड़ी बात है। तीसरे यदि थोड़ी-सी लय बिगड़ जाने से गोल्ड छूटकर सिल्वर भी हाथ लगे तो भी गर्व की बात है। जी हां, बात अदिति की हो रही है। एशियन गेम्स के आठवें दिन देश को जो पहला मेडल अदिति अशोक ने दिलाया वो कई मायनों में प्रेरणा बनकर छाएगा। गोल्फर अदिति अशोक महिला गोल्फ स्पर्धा के आखिरी दिन अपनी लय बरकरार नहीं रखी सकी और ७३ का निराशाजनक कार्ड खेलकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ वह महिला गोल्फ में मेडल जीतनेवाली पहली हिंदुस्थानी महिला गोल्फर बन गई हैं। अदिति अशोक के पास तीसरे दौर के बाद तालिका में शीर्ष पर सात शॉट की बड़ी बढ़त थी। उन्होंने एक बर्डी के मुकाबले चार बोगी और एक डबल बोगी कर के इस बढ़त को गंवा दिया और दूसरे स्थान पर खिसक गई। इस पच्चीस साल की खिलाड़ी का कुल स्कोर १७ अंडर २७१ रहा। कोई बात नहीं अदिति एक दिन गोल्ड भी आएगा।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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