मुख्यपृष्ठखेलक्लीन बोल्ड : यह बदला है

क्लीन बोल्ड : यह बदला है

अमिताभ श्रीवास्तव

कबड्डी के फाइनल में जो धांधली मची उसकी जिम्मेदार ईरान की टीम रही। ईरान के साथ वे रेफरी भी वजह रहे, जो रेफरी तो थे मगर हिंदुस्थान के विरोध में अंदर ही अंदर रहते हैं। दरअसल, कबड्डी हिंदुस्थान का खेल है। उसकी बादशाहत है। मगर ईरान ने उसे कड़ी चुनौती देकर पिछले एशियाड में सिल्वर पर धकेला था। उस फाइनल को आज जो भी याद करता है वो ईरान को कभी माफ नहीं करेगा क्योंकि खेल भावना की धज्जियां उड़ाते हुए उस वक्त ईरानी खिलाड़ियों ने हिंदुस्थानी खिलाड़ी को लहूलुहान कर दिया था। जबकि इस तरह खेलने पर पाबंदी रहती है। बावजूद इसके ईरान ने गलत खेलते हुए जीत हासिल की थी। इस बार भी उसने पूरी कोशिश की बेईमानी से जीतने की। कबड्डी के बदले हुए नियमों का हवाला देकर करीब १ घंटे खेल रोक कर रखा। जबकि जिस नियम को लेकर वो हो हल्ला मचा रहे थे वो बदला ही नहीं गया था। इस नियम के तहत अंतिम मिनट में हिंदुस्थान को चार अंक मिल रहे थे जो जीत के मुहाने पर खड़ा करते थे। इंडिया के कोच भास्करन भी लड़े, कप्तान पवन भी और पूरी टीम भी सत्य के लिए लड़ते रहे। आखिरकार रेफरियों की गहन चर्चा के बाद तीन बार फैसले बदले गए और अंत में इंडिया की विजय हुई। एक शानदार बदला लिया टीम इंडिया ने। ईरानियों की बदमाशी इस बार नहीं चलने दी।
सहवाग की सलाह
वीरेंद्र सहवाग की यह सलाह बड़े काम की है, यदि विश्वकप के आयोजक स्वीकार करें। पूर्व धाकड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने विश्वकप के मैचों में दर्शकों की कम भीड़ देखते हुए बड़ी लॉजिकल बात कही है। हालांकि, वो एक ताना भी है किंतु ताना सकारात्मक है। वीरू ने कहा कि हिंदुस्थान के मैचों को छोड़कर जितने भी मैच हो रहे हैं, उसमें स्कूली छात्रों के लिए प्रâी पास की व्यवस्था कर दी जानी चाहिए। इससे कम से कम यह होगा कि स्टेडियम भरे हुए दिखाई देंगे। दरअसल, इस बार विश्वकप शुरू हुआ तो उसमें ऐसा कोई विशेष उत्साह दिखा ही नहीं। कई लोग जिन्हें क्रिकेट से ज्यादा लगाव नहीं है। उन्हें तो पता ही नहीं चला कि अपने देश में विश्वकप भी हो रहा है। स्टेडियम में दर्शकों की संख्या पहली बार इतनी कम है कि आश्चर्य हो रहा है। हिंदुस्थान के मैचों के लिए तो टिकिट बिक्री हो रही है मगर दूसरे देशों के बीच होने वाले मैचों को देखने दर्शक नहीं पहुंच रहे। इसलिए वीरू की सलाह सौलह आने सही है। यदि ऐसा कर देते हैं तो यह मैचों के लिए भी सुखद रहेगा।
यहां हम अव्वल हैं
यूं तो एशियाड की पदक तालिका में हिंदुस्थान का स्थान चौथा है। चीन, जापान और कोरिया के बाद हिंदुस्थान है मगर एक ऐसा विभाग भी है, जिसमें हिंदुस्थान एशिया के नंबर एक पर काबिज हुआ है। यह बताएं इसके पहले उन खेलों के बारे में बता देते हैं, जिनमें हिंदुस्थान तीसरे और दूसरे नंबर पर आया है। एथेलिटिक्स में हिंदुस्थान ६ गोल्ड, १४ सिल्वर और नौ ब्रांज के साथ कुल २९ पदक जीत कर तीसरे स्थान पर काबिज हुआ है। उसके पहले बहरीन और चायना हैं। शूटिंग में हिंदुस्थान दूसरे स्थान पर रहा है। ७ गोल्ड, ९ सिल्वर और ६ ब्रांज के साथ वो चीन के बाद कुल २२ पदक जीतकर खड़ा है। पहले नंबर पर हिंदुस्थानी तिरंगा तीरंदाजी में लहरा रहा है। ५ गोल्ड, २ सिल्वर और २ ब्रांज के साथ ९ पदक के साथ पहले नंबर पर काबिज है। उसके पीछे साऊथ कोरिया और मंगोलिया हैं। चीन यहां चौथे स्थान का देश है।

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