मुख्यपृष्ठस्तंभक्लीन बोल्ड : सीखो सरफराज!

क्लीन बोल्ड : सीखो सरफराज!

अमिताभ श्रीवास्तव

सरफराज खान के रन आउट हो जाने वाले मामले में रोहित शर्मा सहित खुद सरफराज भी आवेश में दिखाई दिए थे। सरफराज तो इतने निराश दिखाई दिए जैसे यह उनका आखिरी टेस्ट मैच हो और वो सारा करियर हार बैठे हो। हर कोई रविंद्र जडेजा को विलेन बनाने पर तुला था, जबकि जडेजा की कोई बहुत बड़ी गलती नहीं थी और न ही सरफराज की। यह तो क्रिकेट में होता है जब डायरेक्ट हिट लग जाती है और बल्लेबाज रन आउट हो जाता है। ऐसे मामले में शांत भाव से खेल को लेना चाहिए। सरफराज को अभी बहुत सीखना होगा। अपने सीनियर खिलाड़ी का सम्मान करना होगा। जैसे शुभमन गिल ने रोहित शर्मा का किया था। इधर तो जडेजा ने माफी भी मांग ली। यह होता है बड़प्पन। सरफराज खान को अब जडेजा जैसे महान खिलाड़ी से सीखना होगा खेल और उसकी भावना। माना कि वो क्रीज पर जम चुके थे और अपना डेब्यू सफल बना रहे थे मगर क्रिकेट इसीका नाम है। ऐसा होता है। इसे विवादित नहीं बनाना चाहिए था। जडेजा जैसे बल्लेबाज अपने जूनियर के लिए जानबूझ कर ऐसा कभी नहीं करेंगे। यह उनकी माफी ने साबित कर दिया है। अब सीखना सरफराज को है।
ताज पर रत्न
यह ताज पर रत्न ही तो है और इससे उसकी चमक दमक देखते ही बन गई। जी हां, भारत रत्न और क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने जब ताजमहल की सुंदरता का लुत्फ उठाया तो यह भी कहा जाने लगा कि यह तो ताज पर रत्न जड़ने जैसा वाकया है। वेलेंटाइन डे के अगले दिन अपनी पत्नी अंजलि तेंदुलकर के साथ मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर आगरा में नजर आए। सचिन और अंजलि तेंदुलकर ताजमहल देखने पहुंचे। गुरुवार की दोपहर ३ बजे पहुंचे सचिन तेंदुलकर तकरीबन एक घंटे तक ताज में रहे, जहां उन्होंने चर्चित डायना सीट पर पत्नी अंजलि के साथ फोटो भी खिंचवाए। सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी शेयर की। ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। सोशल मीडिया पर पैंâस अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं।
सात शतकों वाला केन
सात आश्चर्य होते हैं, ठीक वैसे ही सात शतक भी होते हैं और वो भी लगातार। जी हां, बात हो रही है न्यूजीलैंड के बल्लेबाज केन विलियमसन की। केन विलियमसन हैमिल्टन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान ३२ टेस्ट शतक तक पहुंचने वाले सबसे तेज बल्लेबाज बन गए। इसी के साथ ही विलियमसन ने ग्रीम स्मिथ, सुनील गावस्कर, रिकी पोंटिंग और रामनरेश सरवन जैसे महान खिलाड़ियों को भी पछाड़ दिया है। २६७ रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विलियमसन ने २०३ गेंदों में ११ चौकों और दो छक्कों की मदद से अपना शतक पूरा किया। दुनिया के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज ने अब अपने पिछले सात टेस्ट मैचों में सात शतक बनाए हैं। विलियमसन ने ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ (१७४ पारी) को पीछे छोड़ते हुए सबसे तेज ३२ टेस्ट शतक बनाने वाले बल्लेबाज बन गए जिन्होंने अपनी १७२वीं पारी में यह उपलब्धि हासिल की। रिकी पोंटिंग (१७६) और सचिन तेंदुलकर (१७९) इस सूची में अगले स्थान पर हैं।

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