मुख्यपृष्ठखेलक्लीन बोल्ड : महिलाओं को रुपिंदर का सहारा

क्लीन बोल्ड : महिलाओं को रुपिंदर का सहारा

अमिताभ श्रीवास्तव

टीम इंडिया की महिला हॉकी में भी वही एक समस्या है, जिसके निजात के लिए पुरुष टीम ने जमीन-आसमान एक कर दिया। जी हां, पेनल्टी कॉर्नर को गोल में न बदल पाना। पुरुष टीम में समय-समय पर इसके विशेषज्ञ आए और समस्या से निजात भी मिली। हालांकि, महिला टीम अब तक इस कौशल से वंचित ही है। अब उसकी इस मुख्य समस्या को सुधारने के लिए पुरुष टीम के महान खिलाड़ी रुपिंदर पाल सिंह को लाया गया है। पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदलने की पुरानी समस्या को दूर करने के लिए महिला हॉकी टीम रांची में अगले महीने होने वाले एफआईएच हॉकी ओलंपिक क्वॉलिफायर से पहले यहां चल रहे पांच दिवसीय शिविर के दौरान महान ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर पाल सिंह के साथ कौशल निखारने में लगी हुई है। हाल में रांची में जापान को हराकर एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बावजूद भारत ने कई पेनल्टी कॉर्नर के मौके गंवाए थे और कोच यानेके शॉपमैन ने इस विभाग में तुरंत सुधार की जरूरत पर जोर दिया था।

तो फाइनल हुआ कोहली ही विराट
क्रिकेट में बाबर आजम की विराट कोहली से हमेशा तुलना की जाती रही है। पाकिस्तान वाले तो बाबर को ही आगे मानते हैं, जबकि पूरा क्रिकेट विश्व बाबर को कोहली से पीछे ही नहीं, बल्कि उनकी धूल के बराबर भी नहीं मानता। अब तो पाकिस्तानी पूर्व खिलाड़ी वसीम अकरम ने भी स्पष्ट और फाइनल तरीके से कह दिया है कि विराट ही महान हैंै। जी हां, पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज वसीम अकरम ने आखिरकार फाइनल एलान कर दिया है। वसीम ने बाबर आजम और विराट कोहली में बेहतर बल्लेबाज कौन है, इस सवाल पर अपना फाइनल मत दे दिया है। वसीम ने सीधे तौर पर विराट कोहली को बाबर आजम से बेहतर करार दिया है। इस बारे में बात करते हुए वसीम ने कहा कि बाबर आजम इस समय अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं। बाबर मॉर्डर्न ग्रेट हैं, लेकिन विराट ने जिस अंदाज में अपने करियर को बनाया है वह बहुत बड़ा है। क्रिकेट में उनका नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जा रहा है। वो यकीनन महान हैं, इसमें कोई शक नहीं है।

२०२३ के संन्यासी
क्रिकेट विश्व में २०२३ का साल कई खिलाड़ियों के द्वारा संन्यास लेने वाला रहा। कल से नया साल लग जाएगा और इस नए साल में भी कुछ खिलाड़ी संन्यासी बनने की दहलीज पर खड़े हैं, मगर उनकी बात आज नहीं। आज तो ऐसे १८ खिलाड़ियों की बात होगी, जो संन्यासी हो गए और बल्ले और बॉल को खूंटी पर टांग दिए। जब साल की शुरुआत ही हुई तो नाम आया ड्वेन प्रीटोरियस का जिन्होंने ९ जनवरी २०२३ को संन्यास की घोषणा की। इसके बाद हाशिम आमला ने १८ जनवरी २०२३ को क्रिकेट से अलविदा कहा तो एरोन फिंच- ७ फरवरी २०२३, कामरान अकमल- ७ फरवरी २०२३, मुरली विजय- ३० जनवरी २०२३, जोगिंदर शर्मा- ३ फरवरी २०२३, मनोज तिवारी- ३ अगस्त २०२३, स्टुअर्ट ब्रॉड- एशेज के बाद, मोईन अली- एशेज के बाद, एलेक्स हेल्स- ४ अगस्त २०२३, स्टीवन फिन- १४ अगस्त २०२३, सुनील नरेन- ५ नवंबर २०२३, डेविड विली- १ नवंबर २०२३, इमाद वसीम- २४ नवंबर २०२३, क्विंटन डी कॉक- वर्ल्ड कप २०२३ के बाद, नवीन उल हक-वर्ल्ड कप २०२३ के बाद, असद शफीक- ११ दिसंबर २०२३ और डैनियल क्रिस्चियन- बीबीएल २०२३ के बाद संन्यास ले चुके हैं।

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