मुख्यपृष्ठखेलक्लीन बोल्ड : वो नीली आंखों वाली

क्लीन बोल्ड : वो नीली आंखों वाली

अमिताभ श्रीवास्तव

टेनिस में यू एस ओपन चल रहा है। महिला वर्ग की उस नीली आंखों वाली खिलाड़ी पर सबकी नजर है। हालांकि, यह लिखे जाने तक उसका पहला मैच नहीं हुआ था। यानी वो खेल चुकी होगी। पर इसके पहले सोशल मीडिया पर उसके संदेश ने प्रशंसकों को थोड़ा निराश किया है। नाम है मरियाना जानेवस्का। दरअसल, जब उसने लिखा कि टेनिस को अलविदा कहने का समय आ गया है तो सब हैरान हो गए। बेल्जियम की इस खूबसूरत खिलाड़ी की पिछले ४ वर्षों से पीठ में दर्द है और इसीलिए वो टेनिस को समय नहीं दे पा रही। हालांकि, उसने यूएस ओपन खेलने का पैâसला किया है। और यह मरियाना के करियर का अंतिम टूर्नामेंट होगा। उसने लिखा है कि कौन जानता है कि भविष्य में मेरा क्या होगा? क्या मैं कभी दौरे पर वापस आऊंगी या जीवन में अन्य चुनौतियां आएंगी? मैं यह तो नहीं जानती, लेकिन जो मैं निश्चित रूप से जानती हूं वह यह है कि मैं अपने पैâसले और बहुत सारी रोमांचक योजनाओं से खुश हूं।

छोड़ना नहीं चाहती
वैसे भी क्रिकेट उनका प्रिय खेल है। चंडीगढ़ की इस खूबसूरत कन्या ने १२ साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था, आज वो टीम इंडिया की सशक्त खिलाड़ी तो है ही साथ ही सबसे खूबसूरत खिलाड़ियों में से एक है। जी हां, हरलीन देयोल। फिलहाल छुट्टियां मना रही हरलीन एक समुद्री किनारे पर है और वो इसे छोड़ना नहीं चाहती। यही लिखा है उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर। सोशल मीडिया पर सक्रिय हरलीन ने २०१९ में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। डेढ़ मिलियन से अधिक उनके इंस्टा पर फॉलोअर्स हैं और यही वजह भी है कि हरलीन अपने फोटो यहां पोस्ट करती रहती हैं। टीम इंडिया में जेमिमा के बाद हरलीन ही है जिसे बेहद चुलबुली खिलाड़ी कहा जाता है क्योंकि वो सोशल मीडिया पर अपनी मजाक मस्ती करती हुई खूब नजर आती हैं। बल्लेबाजी के अलावा वो एक लेग स्पिनर भी हैं। पंजाब और हिमाचल की टीम से घरेलू क्रिकेट खेला करती थीं। आज वो टीम की सबसे मजबूत खिलाड़ी हैं।

बमबारी से बची गोल्ड जीता
रूस की बमबारी से बचकर भाग निकली यूक्रेन की वो खिलाड़ी आज चर्चा में है, जिसने विश्व चैंपियनशिप में ऊंची कूद का गोल्ड मैडल जीता है। यूक्रेन की यरोस्लावा महुचिक पिछले साल अपने पैतृक शहर डीनिप्रो में रूसी बमबारी से भाग निकली थीं। आज वो हंगरी के बुडापेस्ट में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दौरान महिलाओं की ऊंची कूद फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने के लिए चर्चा में है। जब वो इस स्पर्धा में उतरी तो सबकी नजर उस पर थी। स्वर्ण पदक के लिए उसने २.०१ मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। यरोस्लावा इतनी खूबसूरत है कि उसे कूदते देखना भी रोमांचकारी होता है। यूक्रेन से जब वो बाहर निकली तब भी यूक्रेन के लोगों ने उसको सपोर्ट किया। आज जब वो विश्व विजेता बनी तो उसने अपने देशवासियों को मेडल और जीत समर्पित की। उसने कहा, `मुझे अपने देश के लिए यह स्वर्ण जीतकर बहुत गर्व है। मैं वापस जाने और अपने कोच को यह पदक दिखाने के लिए इंतजार नहीं कर सकती। मुझे यह स्वर्ण अपने देश और उन सभी यूक्रेनी लोगों के लिए जीतना था जो अभी भी यूक्रेन में शांति और हमारी स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं।

(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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