मुख्यपृष्ठखेलक्लीन बोल्ड : असली विलन तो ये था!

क्लीन बोल्ड : असली विलन तो ये था!

अमिताभ श्रीवास्तव

मैथ्युज बनाम शाकिब विवाद में शाकिब को कटघरे में खड़ा कर सब कोस रहे हैं। कोसा भी जाना चाहिए क्योंकि बांग्लादेश का यह कप्तान बड़ा ही निर्मम निकला। खेल भावना की सरासर हत्या कर मुस्कुराता रहा। हालांकि, इस हत्या का मुख्य विलन तो कोई दूसरा ही था जिसने शाकिब को उकसाया और मैथ्युज को टाइम आउट दे दिया गया। वो विलन था जमुल हौसेन शांतो। इसका ही हाथ था मगर चूंकि कप्तान अपील करता है तो शाकिब ने यह मांग की। दरअसल, जब यह हेलमेट वाली घटना हुई तो उस समय शाकिब इस बारे में नहीं सोच रहे थे। वहीं उनके साथी खिलाड़ी शांतो सबसे पहले अपने कप्तान के पास गए और उनसे इस बारे में बात करनी शुरू कर दी और अपने कप्तान शाकिब अंपायर से टाइम आउट की अपील करने के लिए कहा। जिसके बाद शाकिब अंपायर के पास गए और इस बारे में बात की। अंपायर भी हैरत में आ गए थे मगर नियम जो था वो बांग्लादेश के फेवर में ही गया। नियम तो जीत गया मगर खेलभावना हार गई।
टूट गया छक्कों का रिकॉर्ड
रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनते हैं। गेंदबाजों की धुनाई इससे पहले कभी इतनी नहीं हुई थी जितनी कि हिंदुस्थान की मेजबानी में खेले जा रहे वर्ल्ड कप २०२३ में हो रही है। बल्लेबाज जमकर गेंदबाजों की धुनाई करते हुए छक्‍कों की बारिश कर रहे हैं। बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच खेले गए मैच के दौरान वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सर्वाधिक सिक्‍स लगाने का रिकॉर्ड भी टूट गया। १९७५ में खेले गए पहले विश्व कप से अब तक ४८ साल के इतिहास में पहली बार गेंदबाजों की इतनी धुनाई हुई है। इस टूर्नामेंट में अब तक ४६८ छक्के लग चुके हैं। श्रीलंका के बल्लेबाज कुसल मेंडिस ने तंजीम हसन के ११वें ओवर की पहली गेंद पर इस वर्ल्ड कप का ४६४वां सिक्‍स जड़ते हुए इतिहास रच दिया। २०१५ के वर्ल्ड कप में एक एडिशन में सर्वाधिक सिक्‍स का रिकॉर्ड बना था। अभी भी मैच बचे हैं यानी करीब ५०० के पार भी छक्के जा सकते हैं।
अंग्रेज हरमनप्रीत
अब ये भी एक संयोग है कि इंग्लैंड महिला क्रिकेट में एक खिलाड़ी हिंदुस्थान की कप्तान हरमनप्रीत कौर की तरह दिखती है या यूं भी कह सकते हैं कि हरमन उसके जैसी दिखती है। जी हां, इंग्लिश क्रिकेटर रहे डेविड क्रास की बेटी है ये जिसका नाम है वैâट क्रास। आलराउंडर है। ७० से अधिक मैच खेल चुकी क्रास ने महज १३ साल की उम्र में लंकाशायर के लिए पदार्पण किया था और २००६ में इतिहास रचा जब वह काउंटी में अकादमी अनुबंध हासिल करनेवाली पहली महिला बनीं। क्रॉस ने पहले सुपर लीग में लंकाशायर थंडर की कप्तानी की है, डब्ल्यूबीबीएल में ब्रिस्बेन हीट और पर्थ स्कॉर्चर्स के लिए खेला है और द हंड्रेड में मैनचेस्टर ओरिजिनल्स का प्रतिनिधित्व किया है। मैदान के बाहर वह थंडर टीम के साथी एलेक्सा हार्टले के साथ एक क्रिकेट पॉडकास्ट-नो बॉल्स की सह-मेजबान हैं और एक कमेंटेटर के रूप में काम करती हैं।

(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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