मुख्यपृष्ठखेलक्लीन बोल्ड : ये जडेजा कौन हैं?

क्लीन बोल्ड : ये जडेजा कौन हैं?

अमिताभ श्रीवास्तव

मैदान पर अपनी खूबसूरती बिखेरती हुई इस खिलाड़ी को लोगों ने जब देखा था तो सोच में डूब गए थे कि कौन हैं ये? जब उनका नाम सुना तो एक बार फिर सवाल उठा कि कौन हैं? वो भी जडेजा। तो क्या ये रविंद्र जडेजा के किसी रिश्ते में हैं? पर ऐसा नहीं था। दरअसल, सबसे महंगे घर में रहनेवाली मृदुला जडेजा का निवास स्थान राजकोट में रंजीत विलास पैलेस है और वो राजकुमारी हैं। मृदुला कुमारी जडेजा राजकोट के शाही परिवार से आती हैं। २२५ एकड़ में पैâले रंजीत विलास पैलेस के वर्तमान मालिक मांधाता सिंह जडेजा, मुदुला के पिता हैं और राजकोट के शाही परिवार का हिस्सा हैं। गॉथिक फिक्शन में स्टाइल में बने रणजीत विलास महल में १५० कमरे हैं। इसमें कई पुरानी लक्जरी कारों के साथ एक अमूल्य गैराज भी है। यह महल देश के उन कुछ चुनिंदा पैलेस में से एक है, जिसमें आज भी पूर्व राजघरानों के लोग रहते हैं और हेरिटेज होटल में तब्दील नहीं किया गया है। मृदुला सौराष्ट्र महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी कर चुकीं हैं। मृदुला ने सौराष्ट्र और पश्चिम क्षेत्र के लिए क्रिकेट खेला है। उन्होंने अपने करियर में ४६ सीमित ओवरों के मैच, ३६ टी-२० और १ प्रथम श्रेणी मैच खेला है। ३२ वर्षीय क्रिकेटर दाएं हाथ की बैटर और मध्यम तेज गेंदबाज हैं। उन्होंने २०२१ में महिला सीनियर वनडे ट्रॉफी में चार अर्धशतक बनाए।

पहली कन्कशन सब्स्टीट्यूट
चलिए यह भी एक रिकॉर्ड बुक में दर्ज नाम होगा। दरअसल, महिला प्रीमियर लीग में गुजरात जायंट्स को भले ही पिछले मैच में हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन उसकी एक खिलाड़ी ने इस मैच में इतिहास रच दिया। गुजरात जायंट्स की ऑलराउंडर सयाली सतगरे इस लीग के इतिहास में पहली बार कन्कशन सब्स्टीट्यूट बनीं। उन्होंने दयालन हेमलता की जगह ली। दिल्ली वैâपिटल्स की पारी के दौरान दयालन हेमलता फील्डिंग के वक्त १५वें ओवर की पांचवीं गेंद पर वैâच लेने के चक्कर में चोटिल हो गर्इं। वैâथरीन की गेंद पर उन्होंने जेस को जीवनदान दिया। गेंद उनके चेहरे पर जाकर लगी और वह मैदान पर गिर गर्इं। दर्द से कराहता हुआ देख हेमलता के पास फीजियो और मेडिकल स्टॉफ पहुंचे और इसके बाद कन्कशन की पुष्टि हुई। हेमलता की जगह गुजरात जायंट्स ने ऑलराउंडर सयाली सतगरे को प्लेइंग-११ में शामिल किया। सयाली विमेंस प्रीमियर लीग के इतिहास में पहली कन्कशन सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी बनीं।

कोई चूक नहीं हुई
रोहित शर्मा को कप्तानी देकर मुझसे कोई चूक नहीं हुई। यह है दादा उर्फ सौरव गांगुली का कथन। दरअसल, विराट कोहली को लेकर आज भी गांगुली से प्रश्न पूछे जाते हैं कि जब कोहली की कप्तानी बढ़िया चल रही थी तो रोहित शर्मा को क्यों बीच में कप्तान बना दिया गया। शर्मा गांगुली जब बोर्ड अध्यक्ष थे तभी कप्तान बनाए गए थे। सौरव गांगुली का कहना है कि ‘देखिए रोहित शर्मा ने वर्ल्ड कप में कितनी शानदार कप्तानी की थी और टीम को फाइनल तक ले गए थे। मेरे अनुसार फाइनल मैच में हार से पहले भारत टूर्नामेंट में बेस्ट टीम थी। वो अच्छे कप्तान हैं और कई बार आईपीएल ट्रॉफी भी जीत चुके हैं। मैं उनकी शानदार कप्तानी से चौंका नहीं हूं। वो उस समय कप्तान बने थे जब मैं बीसीसीआई का अध्यक्ष हुआ करता था और मैंने उनकी प्रतिभा को देखकर ही उन्हें कप्तानी सौंपी थी। मुझे उन्हें कप्तान बनाने से कोई चूक नहीं हुई है।’
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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