मुख्यपृष्ठस्तंभक्लीन बोल्ड : बुमराह से गुमराह क्यों हो रहे बेन?

क्लीन बोल्ड : बुमराह से गुमराह क्यों हो रहे बेन?

अमिताभ श्रीवास्तव

न-न यह बेन बैन नहीं, बल्कि बेन स्टोक्स हैं जो बुमराह की गेंदों पर गुमराह हो रहे हैं और अब ऐसा हो गया है कि बुमराह के सामने आते ही स्टोक्स के हाथ-पांव फूलने लग रहे हैं। ऐसा क्यों हो रहा इसकी खोजबीन इंग्लैंड की टीम प्रबंधन तो करने ही लगी है साथ ही समीक्षक भी अपनी सलाह दे रहे हैं। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल आथर्टन का मानना है कि मौजूदा कप्तान बेन स्टोक्स को पांच टेस्ट मैचों की मौजूदा शृंखला में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की गति को समझने में परेशानी हो रही है। स्टोक्स को अब तक दो टेस्ट मैच की चार पारियों में दो बार बुमराह ने बोल्ड किया है। आथर्टन ने कहा कि उनकी (बुमराह) गेंद की गति को समझना कठिन है और मैंने स्टोक्स के साथ ऐसा देखा है, जबकि स्टोक्स तेज गेंदबाजी का उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं। उन्होंने बुमराह को लेकर जल्दबाजी की है। वैसे भी अंग्रेज खेमा बुमराह की काट ढूंढ़ने ने जुट गया है। वो कितना सफल हो पाता है यह अगले मैचों में पता चलेगा।

ये क्या कर डाला वरुण?
ये ऐसा आरोप है जिसने खिलाड़ियों की भावनाओं को चकनाचूर किया है। दरअसल, हिंदुस्थानी हॉकी खिलाड़ी वरुण कुमार के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक युवती ने उन पर शादी का वादा करके कई बार बलात्कार करने का आरोप लगाया है। एक विमान कंपनी में कार्यरत युवती ने दावा किया कि वह २०१८ में वरुण के संपर्क में आई तब वो १७ साल की थी। उस समय वरुण यहां भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) केंद्र में ट्रेनिंग कर रहा था। एफआईआर में युवती ने आरोप लगाया है कि वरुण ने इंस्टाग्राम के जरिए उससे संपर्क किया और मिलने के लिए जोर दिया। फिर वे मित्र बने और धीरे-धीरे उनमें रिश्ता बन गया। जुलाई २०१९ में भविष्य के बारे में बात करने का हवाला देकर वह उसे बंगलुरु के जयनगर के होटल में ले गया और वह नाबालिग है, यह जानते हुए भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब रोकने का प्रयास किया तो उसने शादी करने का वादा किया था। मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के रहनेवाले अर्जुन पुरस्कार विजेता वरुण ने २०१७ में देश के लिए पदार्पण किया था। पुरुष हॉकी टीम के २०२० टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने वरुण को एक करोड़ रुपए का पुरस्कार देने की भी घोषणा की थी। वह २०२२ बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे।

यह सचिन भी धांसू है
सचिन दास एक ऐसा नाम है जो आज क्रिकेट विश्व में गूंज रहा है। इसलिए भी कि नाम दिग्गज सचिन तेंदुलकर पर है और खेल भी सचिन के नक्शे कदम को अपनाकर ही सीखा। जी हां, टीम इंडिया के युवा बल्‍लेबाज सचिन दास की हर तरफ चर्चा हो रही है। होगी भी क्‍यों नहीं, इस युवा बल्‍लेबाज ने दक्षिण अप्रâीका के खिलाफ शानदार पारी खेलकर टीम को अंडर-१९ वर्ल्ड कप २०२४ फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका जो निभाई। सचिन दास महाराष्‍ट्र के बीड़ में मराठवाड़ा क्षेत्र के हैं। दास को तब पहचान मिली जब २०२३ महाराष्‍ट्र प्रीमियर लीग में उन्‍होंने केदार जाधव के नेतृत्‍व वाली कोल्‍हापुर टस्‍कर्स का प्रतिनिधित्‍व किया था। इसके बाद अंडर-१९ वर्ल्ड कप में दास ने सुर्खियां बटोरी, जब उन्‍होंने नेपाल के खिलाफ सुपर सिक्‍स मैच में शतक जमाया। सचिन दास के पिता संजय ने खुलासा किया कि वो सुनील गावस्‍कर और सचिन तेंदुलकर के बड़े प्रशंसक रहे हैं। संजय ने कहा कि उन्‍होंने अपने बेटे का नाम तेंदुलकर से प्रेरित होकर रखा। संजय महाराष्‍ट्र सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में कार्यरत हैं। दास ने १० नंबर की जर्सी भी इसलिए पहनी है क्‍योंकि वो सचिन तेंदुलकर के बड़े चाहनेवाले हैं।

(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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