मुख्यपृष्ठखेलक्लीन बोल्ड : पारुल जाएगी पेरिस

क्लीन बोल्ड : पारुल जाएगी पेरिस

अमिताभ श्रीवास्तव

किसान की बेटी है। गरीब और बेहद कम सुविधाओं के मध्य पली बढ़ी। अभावों से संघर्ष करते हुए आज उसने एक पहचान बनाई है। ओलिंपिक के लिए पेरिस जाएगी। जी हां, हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप २०२३ में हिंदुस्थान की पारुल चौधरी ने ३,००० मीटर महिला स्टीपलचेस रेस में पेरिस ओलिंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया। वह फाइनल में ११वें स्थान पर रहीं। पारुल चौधरी ने ९:१५:३१ मिनट में रेस पूरी कर नेशनल रिकॉर्ड बनाया है। स्टीपलचेस रेस में निश्चित बाधाओं को पार करना होता है। इस दौरान पानी से भरे गड्ढे को भी पार करना होता है। यह चुनौतीपूर्ण ट्रैक गेम है। पारुल विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ट्रैक इवेंट के फाइनल राउंड में पहुंचनेवाली दूसरी हिंदुस्थानी महिला एथलीट बनी हैं। पारुल का जन्म १५ अप्रैल १९९५ को हुआ था। वह पश्चिमी यूपी के मेरठ के इकलौता गांव में रहनेवाले किसान की बेटी हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत से यह सफलता पाई है। उन्होंने स्टीपलचेस के क्षेत्र में हिंदुस्थानी एथलीटों के लिए एक नया मानक स्थापित किया है।

कौन सच्चा, कौन झूठा?
मामला यदि वाकई ठगी का है तो अपराध है, यदि बदनाम करने का है तो लानत है। अफसोसजनक तो यह है कि अपने आपको पाकसाफ बताने के उद्देश्य से आत्महत्या का प्रयास करना। अब ये भी एक अपराध हुआ है। जो हो पर महिला रेसलर के साथ कुछ ऐसा घट रहा है, जो सुर्खियों में है। दरअसल, इंटरनेशनल रेसलर रौनक गुलिया और उसके पति अंकित गुलिया के खिलाफ दिल्ली की तिहाड़ जेल के जेलर दीपक शर्मा ने ठगी का केस दर्ज करवाया है। इससे परेशान होकर रौनक गुलिया ने हिसार में अपने घर पर सुसाइड करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने हाथ की नस काट ली। नस काटने से पहले उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर की, जिसमें उन्होंने खुद को बेकसूर बताया है। हालांकि, उनकी वीडियो उनके कोच ने देख ली, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। दूसरी ओर हिसार पुलिस ने रौनक के बयान दर्ज करके अपनी जांच शुरू कर दी है।

बांस पर दुनिया
जिसकी दुनिया ही बांस पर है यानी वो विश्व विजेता है। बांस के सहारे वो इतनी ऊंची छलांग लगा लेती है कि गोल्ड तक पहुंच जाती है। जी हां, पोल वॉल्ट की खूबसूरत फ्रांसिसी खिलाड़ी इन दिनों सुर्खियों में है। मार्गोट शेवरियर जिसका जन्म २१ दिसंबर १९९९ को हुआ। वो ट्रैक और फील्ड की जबरदस्त एथलीट है। शेवरियर ने २०१२ में एथलेटिक्स शुरू किया। जून २०२२ में शेवरियर ने लगातार तीसरा फ्रेंच राष्ट्रीय पोल वॉल्ट खिताब जीता। शेवरियर जुलाई २०२२ में यूजीन, ओरेगॉन में आयोजित २०२२ विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिला पोल वॉल्ट के फाइनल में पहुंची, लेकिन फाइनल में ऊंचाई दर्ज नहीं कर पाई। अगस्त २०२२ में म्यूनिख में २०२२ यूरोपीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिला पोल वॉल्ट में शेवरियर कुल मिलाकर दसवें स्थान पर रही। फरवरी २०२३ में उसने अपना लगातार चौथा राष्ट्रीय पोल वॉल्ट खिताब जीता। हाल ही में हुई विश्व चैंपियनशिप में उसने पिछले साल की निराशा दूर करते हुए गोल्ड पर हक जमाया।

(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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