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क्लीन बोल्ड: सपना भी फ्रेक्चर, एलगर को विराट सलामी, अखाड़े में नया बखेड़ा

अमिताभ श्रीवास्तव

सपना भी फ्रेक्चर

हालांकि, यह क्वॉलिफायर राउंड है मगर इसमें खेलना भी एक सपना होता है, क्योंकि इसी के बाद टीम को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यह सपना ही प्रैâक्चर हो गया। जी हां, हिंदुस्थानी महिला हॉकी टीम की अनुभवी फारवर्ड वंदना कटारिया चोटिल होने के कारण ओलंपिक क्वॉलिफायर से बाहर हो गई हैं, जो १३ से १९ जनवरी के बीच होने वाले इस टूर्नामेंट से पहले टीम इंडिया के लिए करारा झटका है। वंदना को टीम का उप कप्तान नियुक्त किया गया था, लेकिन अभ्यास के दौरान उनके गाल की हड्डी में प्रैâक्चर हो गया। उनकी जगह युवा बलजीत कौर को टीम में लिया गया है। टीम की मुख्य कोच यानेक शोपमैन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वंदना टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। अभ्यास सत्र के दौरान वह चोटिल हो गर्इं और उन्हें विश्राम करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि हमें वंदना के अनुभव की कमी खलेगी।

एलगर को विराट सलामी

यह है खेल भावना का जीता जागता नजारा। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका बनाम टीम इंडिया का दूसरा तथा सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच बहुत रोमांचक स्थिति में जा पहुंचा। पहले दिन ही २३ विकेट गिर गए और यह लिखे जाने तक कोई यह नहीं कह सकता कि मैच तीसरे दिन तक पहुंचेगा। जो भी हो मगर, इसके पूर्व डीन एलगर को विराट सलामी मिली, जो खेल भावना का उदाहरण थी। दरअसल, एलगर ने पहले ही एलान कर दिया था कि वे दूसरे टेस्ट मैच के बाद इस फॉर्मेट को अलविदा कह देंगे। उन्होंने मैच की पहली पारी में ४ और दूसरी पारी में १२ रन बनाए। दूसरी पारी में उन्होंने २८ गेंदों का सामना किया और २ चौके जड़े। उन्हें मुकेश कुमार की गेंद पर विराट कोहली ने कैच किया। विराट ने पहले जश्न मनाया और तुरंत रुकते हुए उन्हें सलाम किया। इसके बाद दर्शकों ने भी खड़े होकर तालियां बजाते हुए एलगर को विदाई दी। एलगर इस मौके पर थोड़े भावुक दिखे। विराट ने उन्हें गले लगाया और उनके टेस्ट संन्यास पर शुभेच्छाएं दीं।

अखाड़े में नया बखेड़ा

हिंदुस्थानी कुश्ती पिछले एक साल से तीन पहलवान और कुश्ती संघ के दो सदस्यों के चलते हलाकान है। अब जब बात बर्दाश्त के बाहर होती जा रही है तो सैकड़ों पहलवान मिलकर अचानक कुश्ती को बचाने तथा उन तीन पहलवानों के खिलाफ ही मैदान में उतर आए, जो आंदोलन मचाए हुए हैं। बजरंग, साक्षी और विनेश के खिलाफ कई पहलावन इस विवाद के अखाड़े में कूद गए हैं। भारतीय कुश्ती में जारी संकट में नया मोड़ आया, जब सैकड़ों जूनियर पहलवान अपने करियर में एक महत्वपूर्ण साल बर्बाद होने के खिलाफ जंतर-मंतर पर जमा हुए और उन्होंने इसके लिए बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट को दोषी ठहराया। दरअसल, बसों में भरकर जूनियर पहलवान उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से जंतर-मंतर पहुंचे हैं, लेकिन पुलिस को इस बात की भनक तक नहीं लगी। उनमें से लगभग ३०० लोग छपरौली, बागपत में आर्य समाज अखाड़े से आए हैं, जबकि कई अन्य नरेला में वीरेंद्र कुश्ती अकादमी से आए। उन्होंने पुनिया, मलिक और फोगाट के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथ में जो बैनर थे, उन पर लिखा था, `डब्ल्यूडब्ल्यू हमारी कुश्ती को इन तीन पहलवानोें से बचाएं।’

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