मुख्यपृष्ठनए समाचारशरद पवार और बच्चू कडू की बंद कमरे में मुलाकात?

शरद पवार और बच्चू कडू की बंद कमरे में मुलाकात?

सामना संवाददाता / मुंबई
बच्चू कडू ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, ‘हम सब कुछ सार्वजनिक नहीं कर सकते। जब तक सीएम शिंदे वहां हैं, मैं कहीं नहीं जा रहा। अभी कोई बादल नहीं हैं, जब वे आएंगे तो हम देखेंगे कि क्या करना है।’
‘प्रहार जनशक्ति पार्टी’ के प्रमुख और विधायक बच्चू कडू शिंदे-देवेंद्र फडणवीस-अजीत पवार की सरकार से नाराज बताए जा रहे हैं। इसलिए वे अब अलग राह की तलाश में हैं। इसी के तहत कल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार और बच्चू कडू की बंद कमरे में मुलाकात हुई। इस मुलाकात को लेकर राज्य की राजनीति में भूचाल सा आ गया है। ‘प्रहार जनशक्ति पार्टी’ के प्रमुख और विधायक बच्चू कडू अलग राह की तलाश में हैं। उनके शिंदे की महायुति सरकार का साथ छोड़ने की चर्चा सियासत के गलियारे में होने लगी है। शरद पवार कल बच्चू कडू के आवास पर ‘चाय पर चर्चा’ के लिए पहुंचे। बताया जा रहा है कि बच्चू कडू एकनाथ शिंदे- देवेंद्र फडणवीस-अजीत पवार की सरकार से नाराज हैं। अमरावती से ही कांग्रेस की नेता यशोमति ठाकुर ने कहा कि उन्हें बच्चू कडू के महाविकास आघाड़ी में शामिल होने की कोई जानकारी नहीं है, फिर भी अगर वे एमवीए में आते हैं, तो उनका स्वागत है। तर्क दिया जा रहा है कि इससे पहले भी शरद पवार कई बार अमरावती आए, लेकिन तब तो बच्चू कडू ने उन्हें कभी चाय के लिए आमंत्रित नहीं किया। बताया जाता है कि बच्चू कडू को आस थी कि सरकार बनने के बाद शिंदे उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाएंगे। शिंदे ने अपने साथ गए शिवसेना विधायकों को तो मंत्री बना दिया और निर्दलीय नेताओं को ठेंगा दिखा दिया। इसी बीच सरकार में अजीत पवार की एंट्री हो गई। उनके ९ लोगों को कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। उस वक्त भी निर्दलीय नेताओं को शामिल नहीं किया गया। बच्चू कडू ने हो हल्ला मचाया, तो शिंदे सरकार ने उन्हें दिव्यांग कल्याण मंडल बनाकर मंत्री पद का दर्जा दे दिया। बताया जाता है कि बच्चू कडू को बाद में समझ में आया कि यह तो महज एक झुनझुना भर है। अब वे आए दिन शिंदे सरकार की आलोचना कर रहे हैं। मराठा आरक्षण पर सरकार की भूमिका के खिलाफ हैं। दूसरी ओर, बीजेपी के एक नेता ने बताया कि बच्चू कडू कहीं नहीं जाएंगे। उनके नाम पर पुलिस में कई मामले दर्ज हैं। ऐसा कुछ भी किए तो स्थितियां उनके खिलाफ जाएंगी।
​२० मिनट बंद कमरे में बात​
शरद पवार और बच्चू कडू लगभग २० मिनट तक बंद कमरे में अकेले बातचीत करते रहे। हालांकि, उनके बीच क्या बातचीत हुई, यह सार्वजनिक नहीं किया गया। राजनीतिक अटकलें तेज हो गर्इं, क्योंकि कडू ने शिंदे गुट-भारतीय जनता पार्टी-अजीत गुट के सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की आलोचना की है।
​बच्चू कडू बोले- खुलासा नहीं करूंगा​
अपनी ओर से कडू ने मीडियाकर्मियों से कहा कि कुछ सामाजिक-राजनीतिक मामलों के अलावा उन्होंने ज्यादातर कृषि मुद्दों पर चर्चा की और उन्होंने पवार को सुझाव दिया कि सभी कृषि गतिविधियों को रोजगार गारंटी योजना के तहत लाया जाना चाहिए। इस सवाल पर कि क्या उन्होंने २०२४ के चुनावों की पृष्ठभूमि में राजनीति पर चर्चा की, कडू ने इनकार कर दिया, लेकिन संकेत देते हुए कहा, ‘भले ही हमने राजनीतिक मामलों के बारे में बात की हो, मैं इसका मीडिया के सामने खुलासा नहीं करूंगा।’

किसी अटकल की जरूरत नहीं -शरद पवार
‘पवार ने मुस्कुराते हुए कहा कि जब कडू को उनकी दो दिवसीय अमरावती यात्रा के बारे में पता चला तो उन्होंने उन्हें एक कप चाय पर मिलने के लिए आमंत्रित किया।’ ८३ वर्षीय एनसीपी सुप्रीमो ने कहा, ‘कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है, अगर कोई विधायक मुझे अपने घर चाय पर आमंत्रित करता है तो किसी भी अटकल की जरूरत नहीं है।’

अन्य समाचार