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कोच फैक्ट्री है तैयार… किसका है इंतजार! कब शुरू होगा कोच का निर्माण

सुजीत गुप्ता / मुंबई
भारत में आईसीएफ कोच को एलएचबी में बदलने का कार्य तेजी से चल रहा है। वर्तमान में सभी रेल कोच फैक्ट्री में एलएचबी कोच का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्य को और गति देने के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा महाराष्ट्र के लातूर में एक नई रेल कोच फैक्ट्री का निर्माण किया गया, जिसका नाम रखा गया ‘मराठवाड़ा रेल कोच कारखाना’। इस कोच फैक्ट्री को तैयार हुए करीब दो साल होने को आ गए हैं लेकिन न तो कोच फैक्ट्री अब तक मध्य रेलवे को हैंड ओवर हुई है और न ही इन दो वर्षों में कोच मैन्युफैक्चरिंग का निर्माण शुरू हो पाया है, वहीं जहां तक बात मराठवाड़ा के लोगों को रोजगार देने की है तो इसकी भी दूर-दूर तक फिलहाल कोई संभावना नहीं दिख रही है। दो साल पहले साल २०२० में एक कोच शेल निर्माण किया गया था, उसके बाद रोजगार और कोच उत्पादन के नाम पर केवल ठन-ठन गोपाल ही यहां दिखाई दे रहा है।
मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री, लातूर भारत की चौथी रेल कोच निर्माता फैक्ट्री है। यह महाराष्ट्र के लातूर में स्थित है। अगस्त २०१८ में इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी। ३० अगस्त, २०१८ को यह प्रोजेक्ट रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को हैंड ओवर होने के बाद १२ अक्टूबर, २०१८ से यहां निर्माण कार्य की शुरुआत हुई। लगभग दो वर्ष बाद २५ अगस्त, २०२० को कोरोना काल के बावजूद इस फैक्ट्री ने अपना उत्पादन शुरू कर दिया। इस कोच फैक्ट्री में सुशासन दिवस के दिन यानी २५ दिसंबर, २०२० को पहले कोच शेल के निर्माण के साथ उत्पादन शुरू किया गया। इसके बाद से इस रेल कोच फैक्ट्री में कोच निर्माण का कार्य शुरू भी नहीं हुआ है। बताया जाता है कि ऐसा न होने के पीछे की वजह केंद्र  की एक सोची-समझी साजिश है। दरअसल, महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार का गठन इसी दौरान होने के बाद से रेलवे ने इस परियोजना का काम पूरा होने के बाद कोच निर्माण की प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल दिया, ताकि महाराष्ट्र में रोजगार के अवसर न निर्माण हो और न ही महाविकास आघाड़ी सरकार की वाहवाही हो।
रोजगार के दावे हुए फुस्स 
जब लातूर में कोच फैक्ट्री स्थापित करने की घोषणा साल २०१८ में की गई, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और रेलवे एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कई दावे किए थे। भूमिपूजन के दौरान कहा गया था कि रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना से केवल लातूर ही नहीं, बल्कि पूरे मराठवाडा क्षेत्र को लाभ होगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि यह सहायक इकाइयों का औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र भी बनाएगी, जो उद्योगों को बढ़ावा देने में मदद करेगी। लेकिन आज तक यहां पर किसी भी उद्योग इकाई का पता नहीं है। साथ ही मराठवाड़ा के लोगों के लिए रोजगार के दावे फुस्स  साबित हुए हैं।
कोच फैक्ट्री की खासियत
यह फैक्ट्री इंडियन रेलवे के ग्रीन एनर्जी की पहल के तहत बनी है। इसकी छत पर ८०० किलो वाट के सोलर पैनल लगे हुए हैं, जिससे कि ऊर्जा खपत में बहुत बचत होगी। इसके अंदर सीवेज वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट और री-साइक्लिंग प्लांट यानी जल उपचार के लिए प्लांट भी लगाया गया है। साथ ही इधर जल संचयन (वॉटर हार्वेस्टिंग) की भी व्यवस्था की गई है। इस वर्कशॉप में एलईडी लाइट लगाई गई हैं और साथ ही प्राकृतिक दिन की रोशनी के लिए भी छत पर ट्रांसलूसेंट तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस कारखाने का निर्माण ३५० एकड़ जमीन पर किया गया है।

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