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देर से खुलेगा कोस्टल रोड! … लोकसभा चुनाव के बाद ही हो सकेगा लोकार्पण

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबईकरों के सफर को सुहाना और तेज बनानेवाली कोस्टल रोड परियोजना का इंतजार छह महीने और बढ़ने की जानकारी सामने आई है। दूसरी तरफ मनपा नवंबर तक परियोजना का एक लेन शुरू करने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, एक लेन खुलने पर बाकी कामों को पूरा करने में बाधाएं आने की आशंका है, इसमें पिलर का काम भी बढ़ गया है। इसलिए संभावना है कि परियोजना का काम पूरा होने के बाद यानी मई २०२४ में शुरू होगा। बता दें कि परियोजना का काम अक्टूबर २०१८ में शुरू हुआ था। अब तक इसका कुल ७८ प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है।
मनपा के माध्यम से प्रियदर्शिनी पार्क और वर्ली सी-लिंक के बीच १०.५८ किमी तक कोस्टल रोड का निर्माण किया जा रहा है। कुल १०.५८ किमी लंबी कोस्टल रोड परियोजना में २ किमी की दो विशाल सुरंगों का निर्माण किया गया है। इसमें से एक सुरंग का काम १० जनवरी २०२२, जबकि दूसरी सुरंग का काम ३० मई को पूरा हो चुका है। इसलिए नवंबर तक कोस्टल रोड की एक लेन खोलकर इस परियोजना को मुंबईकरों की सेवा में लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से इसकी घोषणा भी की गई। हालांकि, शेष बचे कामों पर इसका असर होगा। ऐसे में प्रशासन ने संभावना जताई है कि एक लेन खुलने से इसका इंतजार और बढ़ जाएगा। इस परियोजना से ३४ प्रतिशत र्इंधन और ७० प्रतिशत समय की बचत होगी। इसलिए यह प्रोजेक्ट मुंबईकरों के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी होगा।

कंसल्टेंटों पर बढ़ा १५ करोड़ का खर्च
कोस्टल रोड के लिए शुरुआत में १२ हजार करोड़ रुपए का नियोजन किया गया था। लेकिन परियोजना के रुकने से इसकी लागत ७२१ करोड़ रुपए बढ़ गई है। वहीं नए काम जुड़ने पर इसकी लागत और बढ़ सकती है, जबकि चार कंसल्टेंट पर प्रति माह २.५ करोड़ का खर्च आता है। इसकी वजह से छह महीने तक प्रोजेक्ट ठप रहने से कंसल्टेंट पर कम से कम १५ करोड़ रुपए का खर्च बढ़ जाएगा।

 

 

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