मुख्यपृष्ठस्तंभकॉलम ३ : सुखद और दुखद: लैंडिंग और एक्जिट

कॉलम ३ : सुखद और दुखद: लैंडिंग और एक्जिट

अनिल तिवारी

बुधवार के दिन हिंदुस्थान समेत पूरा विश्व भारत के चंद्रयान को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरता देखने को बेताब था। भारतीय अंतरिक्ष कर्मियों की लगन और मेहनत से यह सफलता हमारे नसीब आई भी और पूरी दुनिया में इंडिया की जय-जयकार भी हुई। अभी हमारे चंद्रयान के विक्रम लैंडर की सफल लैंडिंग की सुखद तस्वीर ठीक से बाहर आई भी नहीं थी कि गुरुवार के दिन यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग से भारतीय कुश्ती महासंघ के एक्जिट की दुखद खबर आ गई। परंतु जिस जोर-शोर से चंद्रयान की सफलता का श्रेय लेने की राजनैतिक कवायद हो रही थी, उतनी दिलेरी से कुश्ती पर किरकिरी का जिम्मा लेता कोई नजर नहीं आया। मीडिया में भी इस नाकामी की खबर दबी-दबी सी ही रह गई। यह न केवल देश की कुश्ती खिलाड़ियों और प्रेमियों के लिए बड़ा झटका था, बल्कि यह देश की साख पर एक बट्टा भी था। बावजूद इसके इस पर चुप्पी सा माहौल बना ही रहा।
कल गुरुवार की सबसे बुरी खबर यही थी कि वर्ल्ड रेसलिंग ने भारतीय कुश्ती महासंघ की सदस्यता रद्द कर दी। कारण था, ४५ दिनों के भीतर चुनाव नहीं करा पाना। भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव बार-बार टलने के बाद १२ अगस्त को होने थे, पर चुनाव से ठीक एक दिन पहले उस पर रोक लग गई। इसमें कानूनी पहलू भी शामिल थे, पर इसके लिए जिम्मेदार तो देश की मौजूदा सियासत ही है। भारतीय कुश्ती पिछले एक अर्से से राजनैतिक वर्चस्व के बीच अस्मिता और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। संसद से लेकर सड़कों तक इस पर क्या हुआ, न ही यह देश से छिपा है, न ही दुनिया से। लिहाजा, जो नतीजा हमने पहले से तय कर रखा था, वही गुरुवार को मूर्तरूप लेकर हमारे सामने आ गया। जिस तरह चंद्रयान-३ का नतीजा हमारे वैज्ञानिकों ने पहले से ही तय कर दिया था और हुआ भी उसी के अनुरूप, उसी तरह कुश्ती के अनुरूप। उसी तरह कुश्ती के भविष्य का नतीजा भी सत्ताधीशों ने पहले से ही तय कर दिया था। चंद्रयान के मामले में एरर करेक्शन की गुंजाइश थी, पर कुश्ती के मामले में एरर करेक्शन की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई थी। लिहाजा, गुरुवार को एक बेहद शर्मनाक तस्वीर देश के सामने आ गई। आनेवाले समय में यह और कितनी बुरी होगी यह तो समय ही बताएगा।
खैर, सुखद बात यह है कि बुधवार देर शाम इसरो ने चंद्रयान-३ के विक्रम लैंडर की लैंडिंग से ठीक पहले उसके द्वारा लिया गया एक वीडियो फुटेज जारी किया। जिसमें लैंडर विक्रम ने चंद्रमा की सतह पर उतरने से पहले वहां का नजारा दिखाया। बुधवार के दिन जिस वक्त टीवी पर लोग इस लैंडिंग को देखने के लिए सांसें थामें घंटों से बैठे थे और केवल इसरो की स्क्रीन के पैरामीटर्स देखकर ही उसकी सफल लैंडिंग का अनुमान लगा रहे थे, उन्हें ऐन वक्त पर किसी ‘तकनीकी’ बाधा के चलते उस लैंडिंग के और उससे ठीक पहले के पैरामीटर्स देखना नसीब नहीं हो सका था, उनके लिए कल यह वीडियो फुटेज देखना सुखद था। वे कल की अधूरी कहानी का सुखद नतीजा आज देख रहे थे। यह देश के लिए राहत की बात थी। काश! कुश्ती की कल की कहानी का भी आज सुखद नतीजा देश को नसीब होता।

(लेखक पत्रकार एवं स्तंभकार हैं।)

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