" /> मजबूरी ने ‘युवती’ को बना दिया युवक! पुलिस ने परिजनों को किया हवाले

मजबूरी ने ‘युवती’ को बना दिया युवक! पुलिस ने परिजनों को किया हवाले

कोरोना महामारी के कारण आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक युवती को युवक बनने पर मजबूर होना पड़ा। २१ वर्षीया यह गरीब युवती काम की तलाश में पहले मुंबई और बाद में भिवंडी आई। इसने अपनी पहचान छिपाने के लिए युवक का चोला धारण कर लिया और इधर-उधर काम कर गुजारा करने लगी। पुलिस ने इस युवती की पहचान उजागर कर उससे समुचित पूछताछ के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है। इससे पूरे शहर में पुलिस की तारीफ हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, युवती पुणे के हड़पसर की रहनेवाली है। उसका परिवार गरीब है। पुणे से पहले वह मुंबई आई फिर कुछ दिन भटकने के बाद भिवंडी आ गई। भिवंडी में युवती ने पहचान छुपाने हेतु युवक का चोला धारण कर लिया और शर्ट-पैंट पहनकर काम करने लगी। युवक बने इस गरीब बेसहारा युवती को जिस दिन काम नहीं मिलता, उस दिन वह इधर-उधर मांगकर खाती व फुटपाथ पर रात बिताया करती थी। शांति नगर पुलिस स्टेशन के बीट मार्शल की नजर दो-तीन दिन फुटपाथ पर लावारिस सोये युवक पर पड़ी तो वह उसे शांतिनगर पुलिस स्टेशन ले आया। शांतिनगर पुलिस स्टेशन में युवती होने की सच्चाई पता चलने पर तमाम पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। यह युवती ८ माह पूर्व घर से भागी थी। शांतिनगर पुलिस ने युवती द्वारा बताए गए पुणे के पते पर संपर्क किया तो युवती द्वारा बताई बातें सच पाई गर्इं। युवती के गुमशुदा होने की शिकायत भी परिजनों ने संबंधित पुलिस स्टेशन में ८ माह पूर्व की थी। पुलिस ने पुणे से परिजनों को बुलाया और युवती की मेडिकल प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सौंप दिया। परिजन अपनी गुमशुदा बेटी को पाकर बेहद प्रसन्न हुए और उनकी आंखें छलक आर्इं।