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सरोकार : खार-गोरेगांव के बीच छठी लाइन का काम …ट्रेनों में बढ़ी भीड़ बनी बड़ी मुसीबत

•  प्रोजेक्ट में देरी, बजट में भी वृद्धि

अभिषेक कुमार पाठक
मुंबई के ट्रेनों में लोकल ट्रेन में यात्रा करना हमेसा ही किसी चुनौती से कम नहीं होता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मुंबईकरों के लिए लाइफ लाइन में सफर करना और भी ज्यादा मुश्किल हो गया है। बीते अक्टूबर महीने की २५ तारीख से रोजाना करीब २०० से ज्यादा लोकल सेवाएं रद्द की जा रही हैं। इसकी वजह से अधिकतम व्यस्त समय के अलावा अन्य समय में भी यात्रा करना काफी दिक्कतों भरा हो गया है। लोकल ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों का कहना है कि उन्हें खासकर रात के समय ज्यादा परेशानी होती है। ट्रेनों में भीड़ काफी बढ़ गई है। ऐसे में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
छठी लाइन से जनता को क्या लाभ?
अभी चर्चगेट से विरार तक यात्रा करना काफी आसान था, लेकिन कुछ दिनों से ट्रेन की संख्या कम होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। अभी मौजूदा समय में मुंबई सेंट्रल और बोरीवली के बीच ४ लाइन है, जिनमें से दो लाइनों पर धीमी गति वाली ट्रेन चलती है, तो दो लाइनों पर तेज गति वाली ट्रेन चलती है। पांचवीं लाइन जिसे सबअर्बन ट्रेन अवॉइडेंस कहा जाता है। एक द्वि-दिशात्मक लाइन है, जिसका उपयोग मुंबई सेंट्रल और बांद्रा टर्मिनस से लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन के लिए किया जाता है, लेकिन छठी लाइन मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों और उपनगरीय ट्रेनों के अलग से परिचालन करने में, सविधाजनक हो जाएगा। राम मंदिर स्टेशन पर पांचवीं से छठी लाइन तक क्रॉसओवर प्रदान किया जाएगा। यह छठी लाइन सेवाओं में किसी भी खराबी के दौरान ट्रेनों के मार्ग को परिवर्तन करने में मदद मिलेगी।
लागत में वृद्धि
काम में देरी ने इस प्रोजेक्ट को प्रभावित किया है। जिसकी वजह से इस प्रोजेक्ट का बजट में बढ़त हुई है। २००८ में इसका अनुमान ४३० करोड़ रुपए था, लेकिन अब लागत ९३० करोड़ रुपए हो गई है। इसकी वजह अलग-अलग जगहों पर अतिक्रमण है। कई स्टेशन के पीछे पटरियों के बगल में अतिक्रमण और भूमि अधिग्रहण की चुनौतियां थीं, जिसके समाधान में काफी समय लगा। अगर अधिग्रहण की बात करें तो मुंबई सेंट्रल-बोरीवली छठवीं लाइन प्रोजेक्ट के लिए इसका लगभग ९५ प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है और काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
तीन फेज में हुआ कार्य
पहले चरण में खार स्टेशन से गोरेगांव स्टेशन तक काम हुआ, जो लगभग ९ किलोमीटर की दूरी है। यह कार्य २०२३ में पूरा किया जाना है तो वहीं दूसरे चरण में गोरेगांव से बोरीवली ११ किमी का काम किया जाएगा और यह काम जून २०२४ तक पूरा किया जाएगा। अंत यानी तीसरे चरण में खार से मुंबई सेंट्रल का काम किया जाना है, जिसका काम अब तक शुरू नहीं किया गया है।

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