मुख्यपृष्ठनए समाचारकांग्रेस का आरोप : महाराष्ट्र को भाजपा मणिपुर जैसा राज्य बनाना चाहती...

कांग्रेस का आरोप : महाराष्ट्र को भाजपा मणिपुर जैसा राज्य बनाना चाहती है!

•  भाजपा ने संभाजी भिड़े को महापुरुषों का अपमान करने का लाइसेंस दे दिया है क्या?
•  क्या लोगों को मारने का हिंदुत्व फडणवीस को स्वीकार्य है?
•  भिड़े के खिलाफ की कार्रवाई  करो, कांग्रेस की मांग
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र शिवराय, शाहू, फुले और आंबेडकर की सोच की भूमि है लेकिन भाजपा इस राज्य में संभाजी भिड़े जैसे लोगों को आगे कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दोहराया कि क्या भाजपा महाराष्ट्र को भी मणिपुर जैसा राज्य बनाना चाहती है। यह आरोप कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही भाजपा राज्य के लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही हो, लेकिन वे ऐसी साजिश का शिकार नहीं होंगे।
मनोहर कुलकर्णी उर्फ संभाजी भिड़े रोजाना कई महान व्यक्तियों का लगातार अपमान कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, साई बाबा के बारे में आपत्तिजनक बयान दिए जाने के बावजूद भिड़े खुलेआम घूम रहे हैं। भाजपा ने संभाजी भिड़े को महापुरुषों का अपमान करने का लाइसेंस दे दिया है क्या? ऐसा सवाल भी पटोले ने किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भिड़े की गिरफ्तारी की मांग पर कायम है।
विधान भवन परिसर में कल मीडिया से बात करते हुए पटोले ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार संभाजी भिड़े का समर्थन कर रही है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संभाजी भिड़े को गुरुजी कहकर संबोधित कर रहे हैं। भिड़े को पुलिस ने सुरक्षा भी दी है। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर को जान से मारने की धमकी दी है। लोगों को मारना वैâसा हिंदुत्व है। इस तरह का हिंदुत्व फडणवीस को स्वीकार्य है क्या? पत्रकारों ने जब बेस्ट कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सवाल पूछा तो नाना पटोले ने कहा कि जी-२० सम्मेलन के नाम पर मुंबई शहर में बड़ी सजावट की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी-बड़ी तस्वीरें लगाई गर्इं। नाले का पानी दिखाई न दे इसके लिए बड़े-बड़े पर्दे लगाए गए और सड़क पर लाइटें लगाई गर्इं। इस सजावट पर करोड़ों रुपए बर्बाद किए गए हैं। ऐसी रिपोर्ट है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर ३ हजार ५०० करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। सरकार और प्रशासन जनता का पैसा तो बर्बाद करना चाहती है, लेकिन कर्मचारियों को नहीं देना चाहती, इसीलिए आज बेस्ट कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने का समय आ गया है।

अन्य समाचार