मुख्यपृष्ठराजनीतिमिशन 2024 को लेकर कांग्रेस का धमाका!

मिशन 2024 को लेकर कांग्रेस का धमाका!

अजय राय यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष बने, बृजलाल खाबरी को हटाया गया
मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा वाराणसी लोकसभा सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ेंगी या नहीं यह भविष्य के गर्व में है, लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय रणनीतिकारों ने यूपी में कांग्रेस का केंद्र वाराणसी बना दिया। यह चर्चा इसलिए शुरू हुई है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष पूर्व विधायक अजय राय को बनाया गया है। पूर्व सांसद बृजलाल खाबरी की जगह यह बदलाव किया गया है। एक महीने से अध्यक्ष बदले जाने की चर्चा थी। प्रियंका गांधी के प्रभारी का प्रभाव छोड़ने के बाद यह बड़ा बदलाव किया गया है। एक अक्टूबर २०२२ में बृजलाल खाबरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।
बता दें कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के सांसद संजय राऊत ने प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ने का विचार दिया था। रविवार, १३ अगस्त को मुंबई में संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में ये दावा किया था। शिवसेना सांसद संजय राऊत ने कहा था कि अगर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ती हैं तो प्रधानमंत्री के लिए लोकसभा सीट निकालना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा था कि मैं आश्वस्त हूं कि प्रियंका जीतेंगी। संजय राऊत ने कहा कि २०२४ में पूरा देश राहुल गांधी के साथ खड़ा होगा। इसके साथ ही उन्होंने अमेठी, वाराणसी और रायबरेली सीट पर बदलाव का दावा भी किया था। अभी वाराणसी से पीएम मोदी, अमेठी से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और रायबरेली सीट से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी सांसद हैं। संयोग से प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने भी प्रियंका गांधी को संसद में जाने की बात की थी। रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था कि अगर प्रियंका गांधी संसद में जाती (चुनकर) हैं तो उन्हें बहुत खुशी होगी। साथ ही उम्मीद जताई थी कि कांग्रेस पार्टी प्रियंका गांधी को स्वीकार करेगी और उनके लिए बढ़िया भूमिका तैयार करेगी।
अजय राय अब तक पांच बार विधायक रह चुके हैं। २०१२ में उनकी कांग्रेस में तब एंट्री हुई थी, जब दिग्विजय सिंह यूपी के प्रभारी और कांग्रेस महासचिव थे। उन्होंने अजय राय के पार्टी में प्रवेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने २०१२ के विधानसभा उपचुनाव में वाराणसी की पिंडरा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और इस तरह वह पांचवीं बार विधायक बने।
१९ अक्टूबर, १९६९ को वाराणसी में जन्मे अजय राय लगातार पांच बार विधायक रह चुके हैं। १९९६ में बीजेपी ज्वाइन करने के बाद से वे २००७ तक विधायक रहे। इसके बाद बीजेपी आलाकमान से मतभेद के चलते उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था। २००९ में उन्होंने मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ सांसदी का चुनाव लड़ा और हार गए थे। इसके बाद यहां भी ज्यादा दिन नहीं रहे और निर्दलीय ही पिंडरा से उप-चुनाव जीतकर विधायक बने। बाद में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली। अजय राय के बारे में कहा जाता है कि वह अपने बल पर चुनाव जीतते हैं और पार्टी को इसका लाभ होता है, लेकिन पिछले कुछ चुनावों में वे लगातार हार का सामना करते आए हैं। पूर्वांचल के भूमिहार समाज में उनकी अच्छी पैठ मानी जाती है। शायद यही सोचकर कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताया है।
अजय राय २०१७ और २०२२ में विधानसभा चुनाव जीतने में नाकाम रहे, लेकिन वह सालों से कांग्रेस में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व के उन पर भरोसे का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा राज्य इकाई के फेरबदल में उन्हें प्रयागराज क्षेत्र के लिए पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया। इसमें पूर्वी यूपी के करीब १२ जिलों की जिम्‍मेदारी उन्‍हीं पर है।

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