मुख्यपृष्ठनए समाचारयूपी में कांग्रेस का बीडीएम: निकलने लगा भाजपा का दम!

यूपी में कांग्रेस का बीडीएम: निकलने लगा भाजपा का दम!

– अजय राय ने प्रदेश अध्यक्ष बनते ही ‘ब्राह्मण, दलित, मुस्लिम’ समीकरण को किया एक्टिव

सामना संवाददाता / लखनऊ

आगामी चुनाव में यूपी में भाजपा का दम निकलनेवाला है। अजय राय ने प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालते ही भाजपा को पटखनी देने की पूरी तैयारी कर ली है। भाजपा का सामना करने के लिए कांग्रेस ने ‘बीडीएम’ फॉर्मूले पर काम करना शुरू कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस अपने पुराने समीकरणों को वापस साधने में जुटी हुई है। साल २०२४ चुनाव के पहले यूपी कांग्रेस में हुए परिवर्तन और यूपी कांग्रेस की रणनीतियां कांग्रेस के अपने पुराने ‘बीडीएम’ (ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम) फार्मूले को एक साथ लाने की तरफ इशारा कर रही हैं। हाल ही में अजय राय के अध्यक्ष बनाए जाने के बाद कांग्रेस को समझने वाले लोग इस फॉर्मूले की बात कर रहे हैं। कांग्रेस का यह फॉर्मूला सबसे मुफीद रहा है और इसके दम पर ही कांग्रेस दशकों तक सत्ता में रही है। अब इसी समीकरण के साथ पूरी आक्रामकता से कांग्रेस भाजपा का सामना करने की तैयारी कर रही है।
यूपी कांग्रेस की बात करें तो उत्तर प्रदेश में रीता बहुगुणा जोशी (ब्राह्मण) की अगुवाई में २००९ का लोकसभा चुनाव कांग्रेस ने लड़ा था और तब कांग्रेस ने २१ सीटें हासिल की थी। इसके बाद २०१२ के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को २८ सीटें उत्तर प्रदेश में मिली थी लेकिन इसके बाद से ही गैर ब्राह्मण का प्रयोग कांग्रेस ने शुरू किया और लगातार २०१४, २०१७, २०१९ और २०२२ में कांग्रेस की हालत अच्छी नहीं रही।

पार्टी कर चुकी है कई प्रयोग
पिछले डेढ़-दो दशक में पार्टी ने यूपी में कई प्रयोग किए हैं। रीता बहुगुणा जोशी के बाद कांग्रेस ने निर्मल खत्री को अध्यक्ष बनाया और उनके कार्यकाल में कांग्रेस पार्टी २०१४ के लोकसभा चुनाव में सिर्फ अमेठी और रायबरेली ही जीत सकी। इसके बाद पार्टी ने राज बब्बर को कमान दी और वह २०१९ तक अध्यक्ष रहे पर उनके कार्यकाल में भी कई प्रयोग हुए। सपा के साथ मिलकर विधानसभा का चुनाव लड़ा लेकिन पार्टी का जनाधार लगातार सिकुड़ता चला गया। राज बब्बर के बाद पार्टी ने पिछड़ों में पैठ रखने वाले नेता अजय लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। प्रयोग के तौर पर उसके बाद बहुजन समाज पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए दलित नेता बृजलाल को कांग्रेस ने अपना प्रदेश अध्यक्ष बनाया लेकिन उनका भी पार्टी को कोई लाभ नहीं मिला।

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