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जाति-धर्म के नाम पर राजनीतिक रोटी सेंकने की साजिश! … जयंत पाटील ने साधा भाजपा सरकार पर निशाना

सामना संवाददाता / मुंबई
राकांपा प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने एक मीडिया को दिए गए साक्षात्कार में विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य की ईडी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जाति और धर्म के नाम पर समाज में दरार पैदा कर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने की साजिश कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि मराठा समुदाय को आरक्षण देते समय ओबीसी समुदाय की भावनाओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। चूंकि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार हैं, इसलिए उनके लिए ५० प्रतिशत से अधिक आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन करना मुश्किल नहीं है।
मोदी की सरकार में मंत्रियों के पास नहीं है कोई अधिकार
उन्होंने कहा कि पहले यूपीए सरकार थी, उसके बाद एनडीए और अब मोदी सरकार है। लेकिन मोदी सरकार में अन्य मंत्रियों के पास कोई अधिकार नहीं है, जिसका परिणाम यह है कि लोग नहीं जानते हैं कि किस विभाग का मंत्री कौन है। एक सवाल के जवाब में जयंत पाटील ने कहा कि महागठबंधन में शामिल अन्य दलों के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो भाजपा के साथ गए, उनको भाजपा समाप्त करने की कोशिश करती है, जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण शिवसेना है। शिवसेना के साथ भाजपा ने क्या किया, यह पूरा देश जानता है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में चार सौ से ऊपर सीटें जीतेगी। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि भाजपा के सहयोगी दलों के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है, ऐसा जयंत पाटील ने कहा।
महंगाई और बेरोजगारी से जनता त्रस्त
एक सवाल के जवाब में जयंत पाटील ने कहा कि देश की जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। सभी चीजों का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ती जा रही है। कुछ चुनिंदा उद्यमियों को फायदा हो रहा है। लेकिन शोषित और वंचित वर्ग को कुछ नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि जी-२० पर बेहिसाब खर्च किया गया। दरअसल इतना खर्च करने की जरूरत नहीं थी लेकिन इस सरकार को इवेंट बनाने की आदत है। सरकार को जी २० के नतीजे की जानकारी जनता को देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब राम मंदिर के विषय पर चर्चा हो रही है। तो अब मैं कहूंगा कि यह लोगों को भटकाने का एक प्रयास है। इससे जनता के बुनियादी मुद्दों की अनदेखी होगी। राकांपा की टूट के बारे में पूछे गए सवाल पर पाटील ने कहा कि पार्टी को टूटने से बचाने के लिए बहुत प्रयास किए गए लेकिन सफलता नहीं मिली। अब सबके रास्ते अलग -अलग हो गए है। अब जो आगे होगा, वह देखा जाएगा।
वित्तीय बाधाओं पर विचार किए बिना घोषणएं
राज्य के वित्तीय हालत पर पूछे गए सवाल पर जयंत पाटील ने कहा कि राज्य की ईडी सरकार ने वित्तीय बाधाओं पर विचार किए बिना अंधाधुंध घोषणाएं की हैं। लेकिन उसके पास कोई वित्तीय व्यवस्था नहीं है।

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