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ठेकेदार ने गुणवत्ता में की गड़बड़ी : मेट्रो स्टेशनों के टूटने लगे शीशे तो कहीं पानी ही पानी! … मेट्रो २-ए के स्टेशनों की हालत खराब

अभिषेक कुमार पाठक / मुंबई
मुंबई मेट्रो २-ए और ७ का उद्घाटन बड़ी धूमधाम से किया गया। हालांकि, इस मेट्रो सेवा के शुरू होने के एक साल के भीतर ही इन स्टेशनों के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मंडपेश्वर मेट्रो स्टेशन के बाहर बुधवार को कांच का पैनल गिरने से एक ऑटो रिक्शा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने सभी मेट्रो स्टेशनों का ऑडिट करने का पैâसला किया है। एमएमआरडीए हमेशा अपनी गुणवत्ता के पुल बांधने में कोई कमी नहीं छोड़ती है, लेकिन इन मेट्रो स्टेशनों की मौजूदा स्थिति प्राधिकरण के दावों की पोल खोल रही है।
मेट्रो लाइन २-ए (दहिसर-अंधेरी पश्चिम) कॉरिडोर लाइन पर कुल १७ स्टेशन हैं, जो पूरी तरह से एलिवेटेड हैं। मेट्रो २-ए के कुल १७ स्टेशनों में से ३ स्टेशनों पर शीशे का उपयोग किया गया है। हादसे के बाद उन ३ स्टेशनों का ऑडिट किया जाएगा, जहां ग्लास पैनल का इस्तेमाल किया गया है। ऑडिट १० दिनों के भीतर पूरा होने की संभावना है। जानकारी मांगने पर पता चला कि आईसी कॉलोनी मेट्रो स्टेशन के सामने लगे ग्लास पैनल को हटाया जा रहा है। एमएमआरडीए ने बताया कि ये सभी खर्च ठेकेदार के माध्यम से किए जा रहे हैं। इसके अलावा एमएमआरडीए द्वारा ठेकेदार के ऊपर कार्यवाही की गई है।
नए नवेले मेट्रो स्टेशनों का बुरा हाल
पहली बारिश में आनंदनगर और कांदिवली वेस्ट मेट्रो स्टेशन के ‘मेट्रो २-ए’ की छत से पानी लीक होने लगा। ठीक इन घटनाओं के बाद मगाठाणे मेट्रो स्टेशन के एक तरफ एक निजी डेवलपर द्वारा गहरा गड्ढे खोदने से खतरा पैदा हो गया था। इस मगाठाणे स्टेशन के बगल हुई घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से एमएमआरडीए को इस मेट्रो स्टेशन का आईआईटी से ऑडिट कराने में भी शर्मिंदगी उठानी पड़ी। एमएमआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस रिपोर्ट में मिली गड़बड़ी के बाद एक बार फिर से रिव्यू किया जा रहा है।

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