मुख्यपृष्ठनए समाचारझोपड़पट्टियों में सफाई के लिए नियुक्त होंगे ठेकेदार, गरीबों का जाएगा रोजगार

झोपड़पट्टियों में सफाई के लिए नियुक्त होंगे ठेकेदार, गरीबों का जाएगा रोजगार

सामना संवाददाता / मुंबई

मनपा के अजब कारभार से मुंबई की गरीब जनता स्तब्ध हो गई है। मनपा की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि मुंबई की झोपड़पट्टियों में संस्थाओं की तरफ से की जानेवाली सफाई का काम अब ठेकेदारों के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए अगले दो से तीन महीने में कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी और घर-घर से कूड़ा उठाने से लेकर नालों की सफाई तक का सारा काम एक ही ठेकेदार को दे दिया जाएगा। मनपा प्रशासन की ओर से कहा गया कि सफाई कार्य प्रभावी ढंग से हो इसके लिए यह गतिविधि लागू की जाएगी। लेकिन इस फैसले से सामाजिक संस्थाओं में काम करनेवाले गरीबों का रोजगार खत्म हो जाएगा।
मुंबई की कुल आबादी का लगभग ५० प्रतिशत हिस्सा झोपड़पट्टियों में रहता है। मुंबई की झोपड़पट्टियों को साफ करने और घर-घर से वूâड़ा उठाने का काम सामाजिक संस्थाओं को देने के लिए करीब दस साल पहले स्वच्छ मुंबई प्रबोधन अभियान शुरू करने का पैâसला किया गया था। इससे गरीबों और जरूरतमंदों की इन संस्थाओं के सदस्यों को रोजगार के अवसर भी मिले। इसके अलावा इस काम से झोपड़पट्टियों में वूâड़े की समस्या को सुलझाने में भी काफी मदद मिली। हालांकि, मनपा का दावा है कि ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि यह योजना कारगर नहीं है इसलिए मनपा प्रशासन ने व्यापक गतिविधियां लागू करने का निर्णय लिया है। अब तक मनपा के कई काम ठेकेदारों और निजीकरण के माध्यम हो रहा है। ऐसे में अब सफाई का काम भी ठेकेदारों के माध्यम से होगा, इसलिए गरीबों की नौकरी जाने का डर है।
मनपा के अपर आयुक्त डॉ. सुधाकर शिंदे ने कहा कि मुंबई को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए पूरे विभाग की झोपड़पट्टी की जिम्मेदारी एक ही ठेकेदार पर सौंपी जाएगी। इनके द्वारा झोपड़पट्टियों में नालों की सफाई, घर-घर से कचरा संग्रहण और स्वच्छता संबंधी अन्य आवश्यक कामकाज किए जाएंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नजर आने पर संबंधित ठेकेदार से जवाब तलब किया जा सकेगा।

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