मुख्यपृष्ठनए समाचारकोरोना महामारी ने रोका बच्चों का विकास ... कोविड के दौरान जन्मे...

कोरोना महामारी ने रोका बच्चों का विकास … कोविड के दौरान जन्मे बच्चे नहीं कर पा रहे सही संवाद! … शोध में हुआ चौंकानेवाला खुलासा

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
कोरोना वायरस को लेकर हुए शोध में बेहद चौंकानेवाला खुलासा हुआ है, जिसमें कहा गया है कि कोरोना महामारी के दौरान जन्मे बच्चों का विकास थम सा गया है। यही वजह है कि ये बच्चे सही तरीके से संवाद नहीं कर पा रहे हैं और इन बच्चों को बोलने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह भी कहा गया है कि इस दौरान जन्मे बच्चों को भाषा सीखने में कई दिक्कतें आ रही हैं। लॉकडाउन का असर उनके सीखने की क्षमता पर पड़ा है।
इस संदर्भ में विशेषज्ञों का कहना है कि पैदा होने के बाद कुछ महीनों में बच्चों के साथ जिस तरह का संवाद होता है, वह उनके संवाद और भाषा कौशल की नींव बनता है। स्पर्श से लेकर बच्चों की ओर देखकर मुस्कुराना और उनसे बातें करना ही उनके पहले सबक होते हैं, जो आगे जाकर बातचीत में बदलते हैं। इसलिए कोविड महामारी के दौरान लगी पाबंदियों ने उन बच्चों की भाषा और संवाद क्षमता को बहुत प्रभावित किया है। स्पेन के कुछ शोधकर्ताओं ने इस बारे में शोध के बाद बताया है कि कोविड के दौरान लोगों के बीच संवाद कम हुआ, मिलना-जुलना घटा और भौतिक आदान-प्रदान लगभग बंद रहा, जिसका असर उस दौरान जन्मे बच्चों पर हुआ है।
`द कन्वर्सेशन’ पत्रिका में छपे एक शोध पत्र में कहा गया है कि महामारी के दौरान जन्मे बच्चों का संवाद इतना सीमित और अलग था कि इससे उनका विकास प्रभावित हुआ है। यह शोध चार विशेषज्ञों ने मिलकर किया है, जो मैड्रिड के अलग-अलग संस्थानों से जुड़े हैं। उन्होंने स्पेन में महामारी से ठीक पहले और उसके दौरान जन्मे बच्चों में भाषा ज्ञान का अध्ययन किया और पाया कि ये बच्चे अपने से पहले जन्मे बच्चों के मुकाबले धीमा सीख रहे थे।

भाषा ज्ञान पर पड़ा प्रभाव
शोध में यह भी कहा गया है कि महामारी के दौरान जन्मे बच्चों की भाषा में दूसरे समूह के मुकाबले कम शब्द थे। उनका शब्दकोश भी छोटा था। दूसरी तरफ महामारी से पहले जन्मे बच्चे ज्यादा जटिल वाक्य बना पा रहे थे और उनके पास शब्द भी ज्यादा थे।’ इन नतीजों के आधार पर शोधकर्ता मानते हैं कि महामारी के दौरान जन्मे बच्चों के सामाजिक रिश्ते सीमित रहे, जिसका असर उनके भाषा ज्ञान पर हुआ होगा। इसके अलावा मास्क पहनना भी एक कारक माना गया। शोध के मुताबिक, मास्क से संवाद बाधित होता है और बच्चों के लिए भाषा सीखते वक्त उन्हें चेहरे के हावभाव देखकर समझने और सीखने का मौका कम मिला।
डरावना हुआ कोरोना, २४ घंटों में पांच मौत
देश में एक बार फिर से कोरोना और भी ज्यादा डरावना होता जा रहा है। हिंदुस्थान में पिछले २४ घंटे में कोरोना के ६०२ नए मामले सामने आए हैं, जबकि इस वायरस के कारण पांच लोगों की मौत हुई है। इसी के साथ देश में कोरोना के कुल एक्टिव मामलों की संख्या ४,४४० हो गई है। हिंदुस्थान में कोरोना के ५७३ मामले दर्ज किए गए थे। देश में कोरोना के साथ-साथ इसके सब वैरिएंट जेएन.१ के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। कोरोना का यह नया वैरिएंट १० राज्यों में पैâल चुका है। केरल से इसके सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। केरल में जेएन.१ के १४७ मामले सामने आए थे। इसके अलावा गोवा से ५१, गुजरात से ३४, महाराष्ट्र से २६, तमिलनाडु से २२, दिल्ली से १६ और ओडिशा से एक मामले सामने आए हैं।

अन्य समाचार