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गले की आवाज भी खत्म कर रहा कोरोना!

सामना संवाददाता / मुंबई

भारत में बजी खतरे की घंटी

जेएन.१ को लेकर चौंकानेवाला दावा

एक रिसर्च में यह दावा किया जा रहा है कि ओमायक्रॉन के नए सब वैरिएंट जेएन. १ के कारण चीन-सिंगापुर ही नहीं बल्कि हिंदुस्थान के कई इलाकों में संक्रमण बढ़े हैं। रिसर्च में यह दावा किया जा रहा है कि यह नया वैरिएंट कई प्रकार से आपके शरीर को परेशान कर सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि कोरोना गल में भी संक्रमण करता है, जिससे मरीज की आवाज पर असर पड़ सकता है।

दुनिया भर में लाखों लोगों को मौत की नींद सुलानेवाली महामारी कोरोना ने एक बार फिर भारत में चिंता बढ़ा दी है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले इस देश में हर एक घंटे में कम से कम २६ से २७ लोग संक्रमित हो रहे हैं जिसकी वजह से अब एक बार फिर डर का माहौल बन गया है। यही वजह है कि हिंदुस्थान में कोरोना को लेकर खतरे की घंटी बज गई है। इस मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी सावधान रहने के निर्देश दे दिए हैं। डब्ल्यूएचओ ने चेताया है कि नवंबर के महीने में जेएन.१ वैरिएंट के केवल ३ प्रतिशत केस थे। ये दिसंबर आते-आते २७ प्रतिशत तक बढ़ गए। १८ दिसंबर को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जेएन.१ को अलग से वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट माना क्योंकि इस वैfिरएंट की वजह से तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। कोविड-१९ के नए वैरिएंट जेएन.१ पर एम्स के पूर्व निदेशक और वरिष्ठ पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. रणदीप गुलेरिया का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि हमें एक ऐसी वैक्सीन की जरूरत है, जो कोरोना वायरस के सभी प्रकार के वैरिएंट को कवर कर सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि जेएन. १ वैरिएंट को लेकर बताया गया था कि जेएन.१ में संक्रमित करने की क्षमता काफी ज्यादा है, साथ ही ये और भी नए संक्रमण को पैदा कर रहा है।

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