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 हिंदुस्थान में बन रहा कोरोना कातिल …राज्य में ११७ मामले, १ की मौत

४,०९७ पर पहुंची सक्रिय रोगियों की संख्या
सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदुस्थान में एक बार फिर से कोरोना कातिल बनता जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते २४ घंटों में देश में न केवल ६९२ नए मरीज मिले हैं, बल्कि छह मरीजों की मौत भी हुई है। इसके साथ ही अब देश में कोविड संक्रमितों की संख्या भी बढ़कर ४०९७ पर पहुंच गई है। वहीं दुनिया में हाहाकार मचानेवाले जेएन.१ के मामले भी ६३ से बढ़कर ११० हो गए हैं।
कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.१ ने देश में चिंता बढ़ा दी है। मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य तंत्र भी एक्शन मोड में आ गया है। जेएन.१, जिसे पहली बार अगस्त में लक्जमबर्ग में पाया गया था, अब हिंदुस्थान सहित लगभग ४१ देशों में पाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हिंदुस्थान में कोरोना वायरस के जेएन.१ सब-वैरिएंट के ४१ नए मामले सामने आए हैं और इसके साथ ही संक्रमण के इस स्वरूप के मामले बढ़कर ११० हो गए हैं। बता दें कि आठ दिसंबर को केरल में पहली बार पाया गया नया कोरोना सब-वैरिएंट जेएन.१ अब नौ राज्यों में पैâल चुका है। बुधवार को दिल्ली में भी इस नए वैरिएंट का पहला मामला दर्ज किया गया। वहीं, गुजरात में ३६, कर्नाटक में ३४, गोवा में १४, महाराष्ट्र में १०, केरल में छह, राजस्थान और तमिलनाडु में चार-चार और तेलंगाना में दो मामले सामने आए। बताया गया है कि ज्यादातर मरीज फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं। महाराष्ट्र में गुरुवार को कोविड के नए मामलों में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई जहां ११७ मामले दर्ज किए गए, जबकि दो मरीजों की मौत हो गई। अकेले मुंबई में २५ और ठाणे जिले में २८ मामले सामने आए।
घबराएं नहीं, सतर्क रहें
कोरोना वायरस के नए सब वैरिएंट जेएन.१ को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने समीक्षा बैठक की। इस बीच उन्होंने कहा है कि सभी राज्यों को केंद्र की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। मंत्री मांडविया ने बैठक में आग्रह किया कि घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि हमें सतर्क रहने की जरूरत है।
होम आइसोलेशन में ही हो रहे ठीक
९२ फीसदी मरीज
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने पिछले सप्ताह कहा था कि नए सब वैरिएंट पर करीब से नजर रखी जा रही है। साथ ही उन्होंने राज्यों द्वारा जांच में तेजी लाने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया था। अधिकारियों ने कहा था कि भले ही मामलों की संख्या बढ़ रही है और देश में जेएन.१ सब वैरिएंट के मामले सामने आए हैं लेकिन संक्रमण की चपेट में आए ९२ प्रतिशत लोग घर पर ही ठीक हो रहे हैं।

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