मुख्यपृष्ठनए समाचारकोरोना रिटर्न!... फिर शुरू होगी इंफ्लूएंजा, सांस के मरीजों की जांच

कोरोना रिटर्न!… फिर शुरू होगी इंफ्लूएंजा, सांस के मरीजों की जांच

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई। कोरोना मरीजों की लगातार घटती संख्या और कोरोना के कारण होनेवाली मौतों में पिछले करीब डेढ़ महीनों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होने से राज्य सरकार और खासकर मुंबईकर राहत की सांस ले रहे थे। दुनियाभर में तेजी से बदल रहे ऐसे ही हालातों के कारण विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कोरोना के खात्मे का एलान करने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान एक बार फिर एक्शन में आया कोरोना दुनिया को डराने लगा है। वर्ष २०१९ के अंत में जिस चीन से कोरोना का कहर शुरू हुआ था, उसी चीन में एक बार फिर से कोरोना का नया वैरिएंट दहशत मचा रहा है। चीन ही नहीं बल्कि अब इसके कुछ अन्य देशों में भी पहुंचने की खबर सामने आने लगी है। कोरोना के रिटर्न आने की खबर के बाद हिंदुस्थान में भी सरकार व प्रशासन एलर्ट मोड में आ गया है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि राज्य में इंफ्लूएंजा और सांस के संक्रमण से संबंधित मामलों की फिर से निगरानी शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि किसी भी तरह के शुरुआती संकेत नजरअंदाज नहीं हो सकें और कोविड नियंत्रण में रहे।

मुंबई मनपा के प्रमुख अस्पतालों की निदेशिका डॉ. नीलम आंद्राडे ने कहा कि मुंबई मनपा का स्वास्थ्य विभाग संभावित चौथी लहर से लड़ने के लिए पहले से ही तैयार है। यदि महामारी बढ़ती है तो कोविड मरीजों के लिए आरक्षित बेडों को स्थिति के अनुसार फिर से सक्रिय कर लिया जाएगा।
जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे नमूने
इंफ्लूएंजा जैसी बीमारी और सांस संबंधी गंभीर संक्रमण के मामलों की जांच सरकार के लिए कोविड प्रबंधन के स्तंभ रहे हैं। हिंदुस्थान में कोरोना के केसों में कमी आने के कारण इसकी जांच हाल में रोक दी गई थी। परंतु दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों में हुई कोरोना की नए रूप में वापसी ने महाराष्ट्र सहित पूरे देश को चिंतित कर दिया है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों से इंफ्लूएंजा और सांस संबंधी गंभीर संक्रमण से पीड़ित मरीजों की कोविड जांच कराने तथा संक्रमित नमूनों को जीनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने एक पत्र में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कोविड के स्वरूपों का समय पर पता लगाने के लिए पर्याप्त संख्या में नमूने आईएनएसएसीओजी नेटवर्क में जमा कराएं। उन्होंने प्रोटोकॉल के अनुसार जांच जारी रखने, सभी सावधानियों का पालन करने और आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को फिर से शुरू करते समय सतर्कता नहीं छोड़ने पर भी जोर दिया। पत्र में कहा गया है कि अगर मामलों के नए कलस्टर उभर रहे हैं तो प्रभावी निगरानी की जाए। साथ ही इंफ्लूएंजा और सांस संबंधी गंभीर संक्रमण मामलों की नियमों के तहत जांच कर उन पर नजर रखी जाए, ताकि किसी भी तरह के शुरुआती संकेत नजरअंदाज न हों।
स्टैंड बाय मोड पर हैं सभी कोविड सेंटर
डॉ. आंद्राडे ने कहा कि मनपा के कुल ११ जंबो कोविड सेंटर में से किसी को भी बंद नहीं किया गया है। हालांकि सभी को स्टैंड बाय मोड पर रखा गया है। यहां से एक भी मेडिकल उपकरण या अन्य सामानों को स्थानांतरित नहीं किया गया है। आक्सीजन पाइप लाइन सहित सभी सामान यथा स्थिति में हैं। निरीक्षण के बाद जरूरत के मुताबिक सभी को महज ८ से १० दिनों के भीतर बिना किसी दिक्कत के फिर से चालू कर दिया जाएगा। डॉ. नीलम आंद्राडे ने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र सरकार का पत्र मिल चुका है। इसके अनुसार हमें बताया गया है कि किसी भी कोविड सेंटर को बंद नहीं करना है। अगले सप्ताह होने वाली बैठक में महामारी की रोकथाम को लेकर चर्चा होगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी। डॉ. आंद्राडे ने कहा कि कोविड सेंटरों में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए बड़ी संख्या में दवाइयां पड़ी हैं। इन दवाइयां की तीन से चार महीनों में एक्सपायरी डेट समाप्त हो रही है। ऐसे में ये दवाइयां मनपा के प्रमुख अस्पतालों में भेजी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही मरीजों की संख्या में वृद्धि होती है, वैसे ही फिर से सेंटरों में दवाइयां उपलब्ध करा दी जाएंगी।
सोमवार को कोविड टास्क फोर्स की बैठक
टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. राहुल पंडित ने कहा कि सोमवार को कोविड टास्क फोर्स की बैठक होती है। ऐसे में दो दिन बाद बैठक में महामारी की रोकथाम को लेकर गहन चर्चा होगी। डॉ. नीलम आंद्राडे ने कहा कि फिलहाल मुंबई में १२ से १४ साल के बच्चों का वैक्सिनेशन शुरू हो गया है। इस टीकाकरण में १२ से १७ साल के बच्चों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नेक्सो सेंटर बच्चों के टीकाकरण में अव्वल रहा है।

अन्य समाचार