मुख्यपृष्ठटॉप समाचारदुख भरे दिन बीते रे भइया!!... दुनिया से खत्म होगा कोरोना

दुख भरे दिन बीते रे भइया!!… दुनिया से खत्म होगा कोरोना

• महामारी पर चर्चा कर रहा है WHO
सामना संवाददाता / मुंबई।
कोरोना के कारण बीते दो वर्षों से दुनिया त्राहि-त्राहि कर रही है। लगभग डेढ़ साल तक महामारी के कारण कई लोगों ने अपनों को गंवाया तो कई अन्य का रोजगार छिन गया। कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन से कमर तो लगभग सभी की टूटी ही है। बहरहाल अब उम्मीद की जा रही है कि दुनिया इस वैश्विक संकट से जल्द ही मुक्त हो जाएगी। कोरोना संक्रमितों के लगातार ठीक होने व नए मरीजों के तेजी से घटने की वजह से कई देशों ने पहले से ही कोविड प्रोटोकॉल के कड़े नियमों में ढील देना शुरू कर दिया है। नतीजतन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू.एच.ओ.) आनेवाले दिनों में कोविड-१९ महामारी के खत्म होने की आधिकारिक घोषणा कर सकता है। खबर है कि इसके नतीजों और असर के बारे में ेंप्ध् के पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट चर्चा कर रहे हैं। यानी दुख भरे दिन जल्द ही बीतनेवाले हैं।
बता दें कि दुनिया के ज्यादातर देशों में कोविड- १९ के नए मामले तेजी से घट रहे हैं। हांगकांग में मृत्यु दर बढ़ी है और चीन में दो साल में पहली बार इस हफ्ते १,००० से अधिक नए दैनिक मामले दर्ज किए गए हैं। इसलिए जेनेवा स्थित डब्ल्यू.एच.ओ. में चर्चा इस बात पर हो रही है कि कौन से ऐसे संकेत होंगे, जो ३० जनवरी, २०२० को घोषित सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के अंत का संकेत देंगे। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि इस तरह की घोषणा केवल एक प्रतीकात्मक संकेत से ज्यादा महत्व की होगी। डब्ल्यू.एच.ओ. ने कहा कि ‘कोविड-१९ पर अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम आपातकालीन समिति’ कोरोना महामारी को खत्म घोषित करने के लिए जरूरी मानदंडों की जांच कर रही है। कई देशों ने पहले से ही कोविड प्रोटोकॉल के कड़े नियमों में ढील देनी शुरू कर दी है। हालांकि कई एशियाई देशों में संक्रमण के बढ़ने की रिपोर्ट आ रही है। जबकि जर्मनी में हाल ही में कोरोना के मामले रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गए हैं। हालांकि डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि कोरोना महामारी के अंत की घोषणा तुरंत करने के बारे में फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है। शोधकर्ताओं ने ये चेतावनी भी दी है कि भले ही कोविड-१९ मामलों में गिरावट आई हो, फिर भी मलेरिया और टीबी जैसी अन्य बीमारियों की तरह ही इससे भी हर साल हजारों लोगों की मौत होने की आशंका है। साथ ही इसके नए और ज्यादा खतरनाक वैरिएंट्स के पनपने की आशंका भी खत्म नहीं हुई है।

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