" /> घाव ! -पाप पर कोरोना का पर्दा!

घाव ! -पाप पर कोरोना का पर्दा!

वैश्विक महामारी कोरोना के इस दौर में विवाहेत्तर संबंधों के मामलों का कुछ ज्यादा ही खुलासा हो रहा है। कई बार खुलासों के साथ-साथ सनसनीखेज अंजाम भी सामने आ रहे हैं। पहले विवाहेत्तर संबंधों के कारण पति द्वारा पत्नी की हत्या की खबरें सुनने को मिलती थीं, लेकिन अब इन अपराधों में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ती जा रही है। मुंबई के बाद अब इसी तरह का मामला पुणे जिले में सामने आया है।
प्रेमी की मदद से की पति की हत्या
नींद की गोली देकर घोंटा था गला
हमारी हिंदुस्थानी संस्कृति में विश्वास को पति-पत्नी के रिश्तों की बुनियाद माना गया है। लेकिन कोरोना काल में विवाहेत्तर संबंधों के बढ़ते मामलों के कारण पति-पत्नी के पवित्र रिश्ते की बुनियाद डगमगाने लगी है। पिछले दिनों मुंबई के दहिसर इलाके में एक महिला ने प्रेमी की मदद से पति की हत्या करके घर में ही दफना दिया था। मृतक की ६ साल की बेटी के कारण इस जघन्य हत्याकांड का राज खुला था। जब यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना था, उसी दौरान पुणे शहर में एक और ऐसा ही मामला सामने आया, जिसमें पत्नी ने प्रेमी की मदद से पति की हत्या की और अपने पाप पर कोरोना का पर्दा डालकर मामले को निपटाने का प्रयास किया लेकिन उसका राजफाश हो गया।
पुणे के उरुली देवाची इलाके में रहनेवाला मनोज (बदला हुआ नाम) २४ मई को सुबह अपने घर में मृत मिला था। मृतक की १९ वर्षीया बीवी अंजलि (बदला हुआ नाम) ने पुलिस को बताया कि मनोज, कोरोना से संक्रमित था। उसी के कारण उसकी मौत हुई होगी। वरिष्ठ निरीक्षक राजेंद्र मोकाशी के नेतृत्व में पुलिस ने मनोज की मौत के मामले की जांच शुरू की तो पता चला कि उसे बहुत पहले कोरोना हुआ था और वह ठीक भी हो चुका था। इससे पुलिस यह समझ गई कि दाल में कुछ काला है। पुलिस गुप्त ढंग से अंजलि पर निगरानी रखने लगी। वहीं पुलिस की एक टीम ने मनोज और अंजलि के कॉल रिकॉर्ड की जांच की। इसी क्रम में पुलिस को पता चला कि अंजलि, गिरीश (बदला हुआ नाम) नामक व्यक्ति के कुछ ज्यादा ही संपर्क में थी। जांच में ये भी पता चला कि जिस रात मनोज की मौत हुई थी, गिरीश के मोबाइल फोन की लोकेशन उस रात अंजलि के घर के आसपास ही पाई गई। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि गिरीश एक रात पहले भी मनोज के घर आया था।
अंजलि का था नाजायज संबंध
पुलिस जांच में पता चला कि अंजलि और गिरीश के बीच नाजायज संबंध था और मनोज उसमें आड़े आ रहा था इसलिए दोनों ने मनोज की हत्या की साजिश रची। मनोज की मौत से एक रात पहले गिरीश ने अंजलि को नींद की गोलियों का एक पैकेट दिया था। अंजलि ने नींद की गोलियां दूध में मिलाकर, नशीला दूध बीमार मनोज को पिला दिया। जब दूध पीकर मनोज अचेत हो गया तो अंजलि ने बाहर इंतजार कर रहे गिरीश को घर में बुला लिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर मनोज का गला घोंट दिया। मनोज की हत्या के बाद गिरीश चुपचाप वहां से चला गया, जबकि सुबह अंजलि लोगों को कोरोना से मौत का बहाना बनाकर गुमराह करने की कोशिश करने लगी। पुलिस ने अंजलि और गिरीश को गिरफ्तार कर लिया है।