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सुरक्षा के अभाव में जी रहे देशवासी

दिल्ली से योगेश कुमार सोनी

बीते मंगलवार को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात को गैंगस्टर रोहित गोदारा से जुड़े हमलावरों ने अंजाम दिया है। शूटरों की पहचान रोहित राठौर और नितिन फौजी के रूप में हुई है। रोहित नागौर के मकराना का रहनेवाला है और नितिन हरियाणा के महेंद्रगढ़ का रहनेवाला है। हत्या के आरोप में राजस्थान के कई शहर बंद रहे। ऐसी घटनाओं को देखकर लगता है कि हम आज भी कितने असुरक्षित हैं और देश की सुरक्षा एजेंसियों पर कितना भरोसा किया जा सकता है। क्या वाकई गैंगस्टरों के आगे सरकार पूर्ण रूप से फेल हो चुकी है? मात्र कुछ गैंगस्टरों ने पूरे सिस्टम को हिला रखा है। सिद्धू मूसेवाला कांड से फेमस हुए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने देश की सुरक्षा को जिस तरह सेंध लगा रखी है, उससे स्पष्ट हो जाता है कि हम आज भी ऐसे लोगों को नियंत्रित करने में कितना असक्षम हैं। इस प्रकरण में आश्चर्य की बात यह है कि वो कानून के कब्जे में हैं और फिर भी अपना सिस्टम कितनी आसानी से ऑपरेट कर रहा है। क्या हमारे तंत्र के पास इससे निपटने या निपटाने का कोई इलाज नहीं है? वैसे तो सरकार छोटे-मोटे बदमाशों के फर्जी एन्काउंटरों को निपटाने में माहिर है और जो खुलेआम मरने का हकदार है, उसे जेल में पाला जा रहा है। लगातार ऐसी घटनाओं का होना कई तरह के सवालों को खड़ा कर रहा है, जो शासन-प्रशासन जवाब देने में पूर्णतया विफल है। किसी भी घटना के बाद एसआईटी बनती है और गैंगस्टरों के गुर्गों को पकड़ने पर एजेंसियां अपनी पीठ थपथपा लेती हैं, लेकिन मुख्य सरगना का कुछ नहीं होता। सुखदेव को मारनेवाले बदमाशों में एक फौजी भी है और इस बात से यह तय हो जाता है कि वह किस तरह देश के युवाओं का माइंड वॉश करके अपनी सेना बनाने में लगे हुए हैं। युवा पीढ़ी गैंगस्टरों के लिए जान देने व दूसरों की जान लेने से बिल्कुल भी पीछे नहीं हटते। बिश्नोई के गैंग में पुलिसवालों के बच्चों से लेकर कई शिक्षित युवा भी शामिल हैं, जिन्होंने उच्च स्तरीय शिक्षा भी प्राप्त की है, लेकिन उनका दुर्भाग्य देखो कि वह किस राह पर निकल पड़े। सुरक्षा को लेकर देश में चल रहे माहौल से हर कोई चिंतिंत है, जिससे नागरिकों व देश के विशेष लोगों में असहजता पैâल चुकी है और यदि हाल ऐसा ही रहा तो विशेष लोग देश छोड़कर चले जाएंगे, क्योंकि लगातार ऐसी घटनाओं से खौफ बढ़ता जा रहा है। हर किसी के दिमाग में काम करने से ज्यादा अपने आप को बचाने का प्रेशर है। ऐसे गैंगस्टरों से हर रोज कई युवा प्रभावित होकर अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर दूसरों का जीवन खत्म करने में लगे हुए हैं। हमारे देश में वैसे तो कई मामलों में सख्त कानून बने हुए हैं, लेकिन किसी भी अपराधी को जेल में डालने के अलावा कोई ऐसी सजा नहीं दी जाती, जिससे उसके हौसले टूटें, क्योंकि उनकी जीवनशैली से स्पष्ट दिख रहा है कि वह हर तरह से अपनी मनमानी करते हुए किसी भी घटना को अंजाम देने में सक्षम हैं। बहरहाल, आज देश की स्थिति को नियंत्रित करने की जरूरत है। चूंकि लगातार एक जैसे माहौल के बने रहने से जनता बागी हो जाती है और जब किसी भी कमान को जनता संभालती है तो सरकार की कीमत व गंभीरता खत्म हो जाती है, जो फिलहाल की सरकार के लिए शुरू हो चुकी है।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक मामलों के जानकार हैं।)

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