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‘रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा देश का व्यापार घाटा’ … अक्टूबर २०२२ की तुलना में ६.२१ फीसदी बढ़ा

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
देश में चुनावी मौसम शुरू हो गया है। फिलहाल पांच राज्यों (राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम) में विधानसभा चुनाव चल रहे हैँ इसके बाद वर्ष २०२४ में लोकसभा तथा मुंबई मनपा व महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव होने हैं। इस दौरान महंगाई और बेरोजगारी से परेशान जनता के कोप का शिकार होने से बचने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भाजपा देश वासियों को ‘विकास’ का सब्जबाग दिखा रही है। वर्ष २०२७ तक हिंदुस्थान जापान और इंग्लैंड को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरे प्रमुख आर्थिक ताकत बन जाएगा तथा वर्ष २०४७ तक हर हिंदुस्थानी १० लाख रुपए हर महीने कमाने लगेगा, विभिन्न एजेंसियों के हवाले से ऐसी खबरें मीडिया में प्रसारित की जा रही हैं। लेकिन मोदी सरकार, भाजपा और उसकी पिछलग्गू एजेंसियों की पोल खोलनेवाली जानकारी सामने आई है। देश में जहां रुपया बारबार गिरता रहा है, वहीं व्यापार घाटा भी लगातार बढ़ रहा है। देश का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। देश का व्यापार घाटा अक्टूबर में १८ प्रतिशत बढ़कर ३१.४६ अरब डॉलर रहा।
बता दें कि भारत का निर्यात इस साल अक्टूबर में ६.२१ प्रतिशत बढ़कर ३३.५७ अरब अमेरिकी डॉलर रहा। एक साल पहले की इसी अवधि यानी अक्टूबर २०२२ में निर्यात ३१.६ अरब अमेरिकी डॉलर था। वहीं अक्टूबर २०२३ में आयात भी बढ़कर ६५.०३ अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि अक्टूबर २०२२ में यह ५७.९१ अरब अमेरिकी डॉलर था।
अप्रैल से अक्टूबर तक के आंकड़े
चालू वित्त वर्ष २०२३-२४ की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में निर्यात सात प्रतिशत घटकर २४४.८९ अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। इन सात महीने में आयात ८.९५ प्रतिशत घटकर ३९१.९६ अरब अमेरिकी डॉलर रहा। पेट्रोलियम, कच्चे तेल और उत्पाद का आयात एक साल पहले के १७.७ अरब डॉलर से ८.१ज्ञ् अधिक बढ़ा है। जैविक और अकार्बनिक रासायनिक आयात २.४ अरब डॉलर था, जो वार्षिक आधार पर ४.५ज्ञ् कम है। कोयला, कोक और ब्रिकेट का आयात एक साल पहले के मुकाबले ४.५ज्ञ् अधिक था। इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात ७.८ बिलियन डॉलर था, जो एक साल पहले की तुलना में २६.३ज्ञ् अधिक है। मशीनरी, इलेक्ट्रिकल और गैर-इलेक्ट्रिक सामान ४.३ बिलियन डॉलर था, जो पिछले वर्ष की तुलना में १७.६ज्ञ् अधिक है। वहीं सोने का आयात ७.२ बिलियन डॉलर रहा। एक साल पहले की तुलना में ९५.४ज्ञ् अधिक है।

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