मुख्यपृष्ठनए समाचारशिंदे सरकार की लापरवाही पर कोर्ट का ‘पोस्टमॉर्टम' ... अस्पताल में मृत्यु...

शिंदे सरकार की लापरवाही पर कोर्ट का ‘पोस्टमॉर्टम’ … अस्पताल में मृत्यु तांडव पर हस्तक्षेप

सामना संवाददाता / मुंबई
अपर्याप्त कर्मचारी और दवाओं की गंभीर कमी को नजरअंदाज कर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को अर्थी पर रखनेवाली शिंदे सरकार की उदासीनता बुधवार को हाई कोर्ट की नजर में आई। नांदेड़ के बाद छत्रपति संभाजीनगर में हुई भयावह मौतों को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने सरकार को लताड़ लगाते हुए कहा है कि अपर्याप्त कर्मचारी और दवाओं की कमी के कारण लोगों की जान जा रही है। सरकार की यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस तरह की चेतावनी देते हुए कोर्ट ने सरकार को तत्काल अपनी भूमिका स्पष्ट करने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, कोर्ट ने कल सुनवाई के दौरान सरकार की ढिलाई का जमकर ‘पोस्टमॉर्टम’ करने का संकेत दिया है।
नांदेड़ के शंकरराव चव्हाण सरकारी अस्पताल में दो दिनों में शिशुओं सहित ३५ मरीजों की मौत हो गई। दूसरी ओर छत्रपति संभाजीनगर सरकारी अस्पताल में दवा और इलाज की कमी के कारण २८ मरीजों की जान चली गई। इस मौत ने शिंदे सरकार के लापरवाह प्रशासन की पोल खोल दी। सरकार की निष्क्रियता के कारण मौतों का सिलसिला जारी रहने के कारण बुधवार को मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की पीठ ने मौत के तांडव को स्वत: संज्ञान में गंभीरता से लिया।

अन्य समाचार