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कोविड टास्क फोर्स का दावा, महाराष्ट्र में नहीं आई है चौथी लहर!

-यह माना, कुछ दिनों से मुंबई में बढ़ रहे हैं मामले
सामना संवाददाता / मुंबई। कोविड टास्क फोर्स ने दावे के साथ कहा है कि महाराष्ट्र में कोरोना की चौथी लहर नहीं आई है। हालांकि टास्क फोर्स ने यह माना कि बीते कुछ दिनों से मुंबई शहर और उपनगर में कोरोना के नए संक्रमितों की संख्या में कुछ हद तक वृद्धि जरूर हुई है। ऐसे में मास्क का उपयोग शुरू करने और कोरोना से बचाव के नियमों का सख्ती से पालन करने का सुझाव दिया गया है। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने मास्क की अनिवार्यता को हटा दिया है। साथ ही मास्क उपयोगिता को ऐच्छिक कर दिया गया है। मास्क अनिवार्यता में मिली छूट के बाद से जनता बेफिक्र हो गई। साथ ही बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क के ही घर से बाहर निकलने लगे। विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस आए दिन रूप बदल रहा है। ऐसे में मास्क ही एक ऐसा हथियार है जो महामारी से बचाने में ढाल का काम कर रहा है। दूसरी तरफ दिल्ली में हजार के पार और मुंबई में ५७ दिनों में १०० के ऊपर मरीजों की संख्या पहुंच गई है, जो चिंता का सबब बन रहा है।
नए म्यूटेंट की नहीं मिली कोई जानकारी
डॉ. पंडित ने कहा कि कोरोना में अक्सर बदलाव देखे जा रहे हैं। ऐसे में जीनोम अधिक से अधिक जीनोम सिक्वेंसिंग जांच करने की आवश्यकता है, ताकि इसका पता लगाया जा सके कि वायरस का कोई नया स्ट्रेन अथवा म्यूटेंट तो नहीं आ गया है। जांच से स्ट्रेन की जानकारी जल्दी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस समय ओमायक्रॉन के मामले अधिक मिल रहे हैं। कोई नया वैरिएंट अभी तक सामने नहीं आया है।
कोरोना के साथ ही जीना पड़ेगा
डॉ. पंडित ने कहा कि कोरोना की चौथी लहर के आने पर अभी कुछ कहना संभव नहीं है। यह जरूर है कि कोरोना अभी कहीं गया नहीं है। हमें कोरोना के साथ ही जीना पड़ेगा। ऐसे में चिंता और घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना को वैâसे नियंत्रित रखा जा सकता है। साथ ही जनजीवन वैâसे शुरू रहेगा, इस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। फिलहाल वैक्सीनेशन तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स की तरफ से सुझाव दिया गया है कि महामारी से बचने के लिए कार्यालय, अस्पतालों, सिनेमा हॉलों और मॉल में मास्क को अनिवार्य किए जाने के सुझाव दिए गए हैं।
उत्तर हिंदुस्थान में बढ़े मरीज, दक्षिण में स्थित सामान्य
कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. राहुल पंडित ने कहा कि कोरोना के मामलों में वृद्धि जरूर हुई है, इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन उत्तर हिंदुस्थान में कोविड में बढ़ोतरी देखी जा रही है। फिलहाल दक्षिण की तरफ बहुत अधिक मामले सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल मरीजों के बढ़ते मामलों की बजाय अस्पताल में भर्ती होने वाले संक्रमितों की संख्या कितनी है, उसे भी देखना चाहिए। फिलहाल मुंबई और महाराष्ट्र में अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बहुत कम है।

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