मुख्यपृष्ठग्लैमर‘नई पहचान बनाना आसान नहीं था!’- जोया अख्तर

‘नई पहचान बनाना आसान नहीं था!’- जोया अख्तर

जावेद अख्तर और हनी ईरानी की बेटी जोया अख्तर ने बतौर निर्देशिका अपने करियर का आगाज फिल्म ‘लक बाय चांस’ से किया। ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’, ‘दिल धड़कने दो’, ‘गली बॉय’ और वेब सीरीज ‘मेड इन हेवन’ जैसे विभिन्न विषयों पर काम करनेवाली जोया की खासियत है कि वे नई पीढ़ी को ध्यान में रखकर फिल्म बनाती हैं। जोया ने रीमा कागती के साथ मिलकर नेटफ्लिक्स के लिए फिल्म ‘आर्चिज’ बनाने के साथ उसे निर्देशित किया है। पेश है, जोया अख्तर से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

‘मेड इन हेवन’ के बाद ३ वर्षों का ब्रेक आपने क्यों लिया?
जब तक कोई विषय दिल को छूता नहीं, तब तक कोई भी मेकर हो या लेखक उस पर काम नहीं करता। ‘मेड इन हेवन’ सीजन-२ यह दो वेडिंग प्लानर की कहानी थी, जिसे पूरा करने के बाद पिछले ३ वर्षों से मैं और रीमा कागती फिल्म ‘आर्चिज’ पर काम शुरू कर चुके थे।

किसी भारतीय कहानी या कॉमिक्स पर फिल्म न बनाते हुए ‘आर्चिज’ पर फिल्म बनाने की क्या वजह रही?
भारतीय परिवेश में बनाई गई मेरी ‘दिल धड़कने दो’, ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’ फिल्में थीं। आर्चिज कॉमिक्स पूरी दुनिया में टीनएजर्स की दुनिया बन चुका है। देश और बच्चे बदल चुके हैं। इंटरनेट के मायाजाल से वे दुनिया की नब्ज को जानते और पहचानते हैं। हम यह नहीं कह सकते कि हमारे भारतीय बच्चे ‘आर्चिज’ पढ़कर नहीं बड़े हुए। आर्चिज पूरी दुनिया में पसंद किया गया टीनेजर्स कॉमिक्स है, जब इसे बनाने का प्लान बना तो जाहिर-सी बात है मुझे बेहद खुशी महसूस हुई।

‘आर्चिज’ के लिए सुहाना खान, खुशी कपूर, अगस्त्य नंदा का चुनाव कैसे संभव हुआ?
ऐसा नहीं है कि सारा फोकस स्टार्स किड्स पर है। कहानी के मुख्य किरदार में कुल ७ टीनएजर्स हैं, जिसमें ३ स्टार किड्स हैं। फिल्म की कहानी में ये किरदार उन्हें सूट करते थे, इसी वजह से उन्हें कास्ट किया गया। उनकी ट्रेनिंग हुई और जब वे इस ट्रेनिंग नुमा कसौटी पर खरे उतरे तब उन्हें कास्ट किया गया। सुहाना खान ने वेरोनिका का, अगस्त्य नंदा ने आर्ची एंड्र्यूज, खुशी कपूर ने बेटी वूâपर का किरदार निभाया है। इनके अलावा अन्य कलाकारों सहित सभी ने जी-जान से मेहनत कर बहुत ही शानदार परफॉर्मेंस दी है।

अगस्त्य नंदा, सुहाना, खुशी जैसे स्टार बच्चों के साथ काम करना कैसा रहा?
जैसा कि मैंने शुरू में ही कहा था कि स्टार किड्स के अलावा अन्य बच्चे भी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण थे। उन्हें भी दर्शकों का प्यार और अटेंशन मिलना जरूरी है। उनकी अदाकारी भी बहुत ही काबिलेतारीफ रही। सभी स्टार किड्स के साथ हमने दो महीनों का वर्वâशॉप लिया था। बच्चों में कोई स्टारी एटीट्यूड नहीं था। सभी ने हर निर्देश का पालन किया और प्यार से पेश आए।

इस फिल्म के बारे में पिता जावेद अख्तर और भाई फरहान अख्तर का क्या रिएक्शन रहा?
डैड की आंखें फिल्म देखकर नम हो गई थीं और भाई फरहान ने मेरी पीठ थपथपाई। इन दोनों की वजह से मुझे हमेशा बड़ा संबल मिला है।

अपनी जर्नी से आप कितना संतुष्ट हैं?
मैंने अपनी फिल्मों की कहानी किरदारों के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया। इसलिए अपनी जर्नी से मैं बहुत खुश हूं। जावेद अख्तर-हनी ईरानी जैसे मशहूर लेखकों की बेटी होने पर मुझे बड़ा गर्व है। लेकिन उनकी छांव से निकलकर अपनी नई पहचान बनाना आसान नहीं था।

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