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क्रिकेट-विकेट: जैसे जर्सी नंबर १० रिटायर, ये टखना बड़ा बेईमान, हरमन की बाधा

अमिताभ श्रीवास्तव

जैसे जर्सी नंबर १० रिटायर

जैसे जर्सी नंबर १० रिटायर हुई ठीक वैसे ही अब जर्सी नंबर ७ को रिटायर कर दिया गया है। दरअसल, यह खिलाड़ियों के सम्मान के लिए किया जाता है। सचिन तेंदुलकर १० नंबर की जर्सी पहनते थे। उनके संन्यास लेने के बाद किसी भी खिलाड़ी को उनके नंबर वाली जर्सी नहीं दी जाती। अब खबर है कि महेंद्र सिंह धोनी की ७ नंबर वाली जर्सी को भी रिटायर कर दिया गया है। क्रिकेट टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तानों में शामिल महेंद्र सिंह धोनी के सम्मान में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने ७ नंबर की जर्सी को रिटायर करने का पैâसला किया है। धोनी मैदान पर नंबर-७ की जर्सी पहन कर उतरते थे और यह जर्सी धोनी का पर्याय बन गई थी। बीसीसीआई ने इससे पहले क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की नंबर-१० जर्सी को रिटायर कर दिया था। महेंद्र सिंह धोनी के योगदान को सम्मान देते हुए बोर्ड ने नंबर ७ जर्सी को भी इसी लिस्ट में जोड़ने का निर्णय लिया है। ऐसा समझा जाता है कि बीसीसीआई ने टीम के खिलाड़ियों से कहा है कि वे जर्सी पहनते समय अपनी पीठ पर नंबर ७ नहीं पहन सकते।

ये टखना बड़ा बेईमान

वाकई ये टखना बड़ा बेईमान है। इसी ने हार्दिक पंड्या को विश्वकप से बाहर किया तो सूर्य कुमार यादव को टी-२० के आखिरी मैच से बाहर कर एक कप्तान के रूप में जीतने से वंचित कर दिया, जबकि उन्हीं की बदौलत टीम २०२ रन बना सकी जिसमें उनका शानदार चौथा टी-२० शतक भी था। बाद में जीत रविंद्र जडेजा की कप्तानी में मिली। दरअसल, कप्तान सूर्यकुमार यादव को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी टीम के तीसरे टी-२० मैच के दौरान मैदान से बाहर जाना पड़ा, क्योंकि क्षेत्ररक्षण के दौरान उनका टखना मुड़ गया था। यह चोट दक्षिण अफ्रीका के लक्ष्य का पीछा करने के तीसरे ओवर में लगी, जब प्रोटियाज सलामी बल्लेबाज रीजा हेंड्रिक्स ने इनफील्ड पर एक चौका लगाया था। सूर्यकुमार उक्त गेंद का पीछा कर रहे थे, लेकिन गेंद को वापस पिच पर फेंकते समय उनके टखने में चोट लग गई। यह पता नहीं चल सका है कि उनके टखने की चोट कितनी गंभीर है।

हरमन की बाधा

टीम इंडिया की कप्तान हरमन कौर प्रीत की सबसे बड़ी बाधा क्या है? वो है रन आउट। हरमन के रन आउट होने का लगभग एक ही तरीका है और आश्चर्य इस बात का है कि बार-बार एक जैसे आउट होने के बावजूद वो अपनी इस गलती को सुधार नहीं पा रही हैं। पिछले दिनों शुरू हुए इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में भी वो रन आउट हुर्इं। यह ठीक वैसा ही है, जैसे इसके पूर्व दो बार वो रन आउट हो चुकी हैं। यह रिपीटेशन हरमन के लिए बड़ा दुखदायी है। फरवरी २०२२ में न्यूजीलैंड के खिलाफ हरमन रन आउट हुई थीं। वो अपने बल्ले को आगे रख कर नहीं दौड़ती और न ही क्रीज में पहले बल्ला लाती हैं। ठीक एक साल के बाद हरमन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फरवरी २०२३ में भी ऐसे ही रन आउट हुई थी और अब पिछले दिनों इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में भी वो इसी तरह रन आउट हुर्इं। उनके इस तरह आउट होने की चर्चा जोरोें पर है, क्योंकि हरमन जैसी बल्लेबाज इस तरह की गलती करती हैं तो यह अनाड़ीपन जैसा लगता है। संभव है, अब उन्हें अपनी इस गलती को सुधारने के लिए मेहनत कराई जाएगी।

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