मुख्यपृष्ठनए समाचारबिजली मीटर की खराबी से डूबे करोड़ों के राजस्व!

बिजली मीटर की खराबी से डूबे करोड़ों के राजस्व!

•  ११ लाख मीटरों में थी खराबी
•  जांच कराने की मांग
सामना संवाददाता / मुंबई । महावितरण की ओर से फरवरी में राज्य में ७,८०,२१७ बिजली उपभोक्ताओं को औसतन बिजली बिल भेजा गया। फरवरी महीने के अंत तक ११,३३,३९० मीटर खराब थे। मीटर उपलब्ध न होने के कारण उपभोक्ताओं के मीटर बदले नहीं गए, जिसके कारण महावितरण कंपनी को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है, ऐसा आरोप महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिक फिल्ड इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन ने लगाया है। इस मामले की जांच कराने की मांग फेडरेशन ने की है। महावितरण कंपनी की ओर से राज्य के विभिन्न भागों में बिजली सप्लाई की जाती है। लॉकडाउन के कारण महावितरण कई महीने तक उपभोक्ताओं को औसतन बिजली बिल भेजता था, जिसके कारण ग्राहकों को उलझन हो गई और प्रशासन को भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। लॉकडाउन न होते हुए भी प्रशासन द्वारा फरवरी महीने में ७,८०,२१७ बिजली उपभोक्ताओं को औसतन बिजली बिल भेजने का आरोप फेडरेशन ने लगाया है। अब बिजली ग्राहकों का मीटर बदलना शुरू हुआ है, ऐसा फेडरेशन का दावा है।

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