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शिंदे से दादा दूर हो गए! म्हाडा के मंच पर अजीत पवार की दांडी, मुंबई में भी दिखी ‘टशन’

अभिषेक कुमार पाठक / मुंबई
राज्य की शिंदे-फडणवीस सरकार में एनसीपी से टूटकर अपने समर्थक विधायकों के साथ शामिल हुए अजीत पवार का कद राज्य सरकार में लगातार बढ़ता जा रहा है। चर्चा यहां तक हो रही है कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार को जल्द ही राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। क्योंकि अजीत पवार में ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को रिप्लेस करने की क्षमता है, ऐसा राजनीतिज्ञों का मानना है। इस चर्चा के बीच अब दोनों के बीच एक-दूसरे को नजरअंदाज करने का दौर भी शुरू हो गया है। जिस कार्यक्रम में अजीत पवार होते हैं, उसमें मुख्यमंत्री शिंदे जाने से बच रहे हैं तो जिस कार्यक्रम में शिंदे पहुंचते हैं, उसमें अजीत पवार जाने से बचते हैं। पुणे में अजीत पवार के गढ़ में हुए कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे नहीं गए, अब सोमवार को मुंबई में म्हाडा लॉटरी के कार्यक्रम में अजीत पवार जानबूझकर दांडी मार गए। सूत्रों के अनुसार, अजीत पवार के सीएम बनने की चर्चा जब से शुरू हुई है, तब से दोनों के मध्य ‘टशन’ बढ़ने की सुर्खियां भी तेज हो गई हैं।
बता दें कि सोमवार को मुंबई मंडल के ४,०८२ घरों की लॉटरी रिजल्ट डिक्लेयर करने के लिए म्हाडा द्वारा यशवंतराव चव्हाण सेंटर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री का शामिल होना अपेक्षित था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री फडणवीस तो आए लेकिन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए। दादा की गैरमौजूदगी की चर्चा आग की तरह पैâल रही है। बीते दिनों में शरद पवार-अजीत पवार की मुलाकात पर काफी बातें बनी हैं। पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बीच एक गुप्त बैठक हुई थी, इस बैठक के बाद म्हाडा कार्यक्रम में अनुपस्थिति ने सवाल पैदा कर दिया है। वहीं पुणे में आयोजित कार्यक्रम से शिंदे ने दांडी मार ली थीं।

शिंदे से भाजपा को हो रहा है नुकसान
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इन दिनों मौजूदा राज्य सरकार में मुख्यमंत्री पद से एकनाथ शिंदे को हटाकर उनकी जगह अजीत पवार को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा है। तरह- तरह के फार्मूले भी राजनीतिज्ञों द्वारा पेश किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिंदे से राज्य का कामकाज बेहतर ढंग से नहीं हो पा रहा है। उनके गृह क्षेत्र में भी वे सही से कम नहीं कर पा रहे हैं। भ्रष्ट मंत्रियों और भ्रष्ट कामकाज की नीति ने शिंदे को बदनाम कर दिया है। शिंदे से भाजपा को भविष्य में भी नुकसान नजर आ रहा है। ऐसे में अजीत पवार राज्य में मुख्यमंत्री के रूप में नए विकल्प के तौर पर नजर आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री को बीमार बताकर दादा को कुर्सी पर बैठाने की तैयारी

राज्य सरकार की स्थिति कथित रूप से पागलों जैसी हो गई है। इसलिए वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बदलकर अजीत पवार को मुख्यमंत्री बनाने की भाजपा की साजिश शुरू हो गई है। इसी के तहत शिंदे को बीमार होने की बात कही जा रही है, ऐसा दावा विधान सभा प्रतिपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने किया है। वे गडचिरौली में आयोजित पत्रकार परिषद में बोल रहे थे। विधानसभा में प्रतिपक्ष पद पर नियुक्ति के बाद पहली बार वडेट्टीवार गडचिरौली गए थे। गढ़चिरौली में हुए सत्कार के बाद सरकारी विश्राम गृह में उन्होंने पत्रकार परिषद को संबोधित किया। इस पत्रकार परिषद में उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तबीयत सही नहीं चल रही है, ऐसा कहा जा रहा है। परंतु मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस बात का खंडन भी नहीं किया गया था। कल फिर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, यह कहा गया था। यह सब कुछ भाजपा की साजिश है। शिंदे को बीमार बताकर अजीत पवार को मुख्यमंत्री बनाने की गतिविधि शुरू है। गत दिवस शरद पवार और अजीत पवार के बीच इसी पृष्ठभूमि में मुलाकात हुई थी, ऐसा दावा भी वडेट्टीवार ने किया है।अजीत पवार से मुलाकात के संदर्भ में शरद पवार की भूमिका स्पष्ट की जाती है तो लोगों के मन में जो संभ्रम है, वह दूर होगा, ऐसा भी वडेट्टीवार ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल उच्च सदन में दो दिन और विधान सभा में केवल चार दिन समय दिया। वह भी सदन के अंदर बहुत ही कम समय दिया।

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