मुख्यपृष्ठनए समाचारदादा ने दागा सवाल : गुवाहाटी में किनकी बलि देंगे शिंदे?

दादा ने दागा सवाल : गुवाहाटी में किनकी बलि देंगे शिंदे?

सामना संवाददाता / मुंबई
महाविकास आघाड़ी सरकार गिराने के बाद कामाख्या देवी का दर्शन करने गए एकनाथ शिंदे एक बार फिर गुवाहाटी जा रहे हैं। इस बात को लेकर राजनीति गलियारे में जोरदार चर्चा है। इस दौरे के संदर्भ में प्रतिपक्ष के नेता अजीत पवार ने मजाकिया टिप्पणी की। कामाख्या देवी को भेड़ की बलि दी जाती है। वास्तव में किसकी बलि देने के लिए गुवाहाटी जा रहे हैं, ऐसा सवाल विधानसभा प्रतिपक्ष के नेता अजीत पवार यानी दादा ने दागा है। शिंदे गुट के विधायक, सांसद पुन: गुवाहाटी जानेवाले हैं, ऐसी जानकारी विधायक बच्चू कड़ू ने दी है। इस संदर्भ में शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने गुरुवार को कहा था कि महाविकास आघाड़ी सरकार गिराने के लिए हम लोगों ने मन्नत मांगी थी, उस मन्नत को पूरा करने के लिए गुवाहाटी जा रहे है। इस पर अजीत पवार ने टिप्पणी की है, सही मायने में वे लोग किसकी बलि देने के लिए जा रहे हैं? मुझे बाहर से सूचना मिली है कि जिस होटल में शिंदे के विधायक ठहरे हुए थे, उसका बिल नहीं चुकाने के कारण होटल के मालिक ने आत्महत्या कर ली। लेकिन अब हम देखते हैं कि कुछ जगहों पर हिरण की बलि दी जाती है। कुछ जगहों पर मुर्गियों की बलि दी जाती है और मुझे पता चला है कि वहां भेड़ की बलि दी जाती है। अब किसकी बलि देने के लिए वे वहां जा रहे हैं, हम देखेंगे, लोग मन्नत पूरी करने के लिए जा रहे हैं, हमारी शुभकामनाएं, ऐसा अजीत पवार ने कहा।
प्रभाग रचना का आदेश सरकार कैसे देती है?
निकाय चुनाव के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में याचिका प्रलंबित है। न्यायालय में याचिका प्रलंबित होने के बाद सरकार प्रभाग रचना का आदेश वैâसे दे सकती है? ऐसा सवाल अजीत पवार ने किया। नगर विकास विभाग ने राज्य की महापालिकाओं को प्रभाग रचना का आदेश दिया है, जबकि सुप्रीम कोर्ट में बीस से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई प्रलंबित है। अभी तक इस पर पैâसला नहीं आया है। ऐसी परिस्थिति में राज्य सरकार आदेश वैâसे दे सकती है? २८ नवबंर को याचिका पर सुनवाई है, फिर प्रभाग रचना का आदेश निकालने की जल्दबाजी क्यों? ऐसा सवाल भी अजीत पवार ने किया।

शिंदे का भविष्य फडणवीस के हाथों में है -राकांपा
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एक ज्योतिषी से कथित तौर पर मिलने को लेकर तंज कसते हुए कहा कि अंधविश्वास उनकी मदद नहीं करेगा क्योंकि उनका भविष्य उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों में है। राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड व्रैâस्टो ने कहा कि खबरों के अनुसार, शिंदे अपने भविष्य के बारे में जानने के लिए एक ज्योतिषी से मिलने गए थे, लेकिन तथ्य यह है कि उनका भविष्य उपमुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों में है। व्रैâस्टो ने कहा कि यह उनकी सरकार बनने के बाद से पिछले कुछ महीनों में उनके व्यवहार में दिखाई दे रहा है।

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