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दादा के खिलाफ दादा की मुख्यमंत्री से शिकायत! …निधि के अभाव में विकास काम लटके

• पुणे में चंद्रकांत पाटील की पंचायत

सामना संवाददाता / मुंबई
शिंदे-फडणवीस सरकार में राकांपा से बगावत करके अजीत पवार गुट सत्ता में शामिल हुआ था, तब भाजपा के मंत्रियों ने अजीत पवार का जोरदार समर्थन किया था। लेकिन अब अंदर ही अंदर बहुत कुछ गड़बड़ झाला चल रहा है। अब यह गड़बड़ झाला की तस्वीर धीरे-धीरे बाहर आने लगी है। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के पुणे के ‘सुपर पालकमंत्री’ बनने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जोरों से शुरू है। अजीत पवार पहले से ही बैठकों का सिलसिला शुरू कर चुके हैं और अब पुणे के पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील के साथ उनके निधि को लेकर शीतयुद्ध के बारे में चर्चा चल रही है। ४०० करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लिए फंड पवार द्वारा नहीं दिया गया है, ऐसी शिकायत खुद पाटील ने की है।
बताया जाता है कि उन्होंने निधि न मिलने की शिकायत मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से की है। मिली जानकारी के मुताबिक, तीन महीने पहले पुणे में जिला योजना समिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में ४०० करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई थी।
हालांकि, तीन महीने बाद भी वित्त मंत्रालय ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है। जिला योजना समिति की यह बैठक राज्य में अजीत पवार के सत्ता में शामिल होने से पहले हुई थी। चर्चा है कि चंद्रकांत पाटील ने वित्त मंत्रालय के कार्यभार को लेकर नाराजगी जताते हुए सीधे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से शिकायत की है। इसलिए महायुति की सरकार में सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है, यह तस्वीर झूठी दिखाई दे रही है।

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