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खनन से खतरा!… रेलवे सुरक्षा पर रेत माफियाओं का ग्रहण

– ६०० मीटर के दायरे में पाबंदी के बाद भी अवैध खनन जारी

सामना संवाददाता / ठाणे

ठाणे पुलिस आयुक्तालय की सीमा में तेजी से अवैध रेत खनन शुरू है। इस अवैध खनन का खतरा अब मध्य रेलवे पर मंडराने लगा है। इस खतरे को ध्यान में रखकर रेलवे के पुलों और पटरियों के समीप ६०० मीटर दूर तक रेत खनन को लेकर मनाई आदेश जारी किया गया है। इस मनाई आदेश का उल्लंघन करनेवालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बता दें कि ठाणे जिले के कल्याण और ठाणे तालुकाओं में से होकर मध्य रेलवे लाइन गुजरती है। कल्याण और ठाणे में रेलवे के कई पुल ऐसे हैं, जो खाड़ी पर मौजूद हैं। इन पुलों से होकर मध्य रेलवे की लोकल और एक्सप्रेस गुजरतीr हैं, वहीं ठाणे और कल्याण में अवैध रूप से खाड़ी के किनारों पर रेत खनन किया जाता है। इस अवैध खनन के कारण रेलवे के पुल और पटरियों के ढहने की संभावना बढ़ जाती है। इससे बड़ा हादसा भी हो सकता है, इसलिए ठाणे पुलिस आयुक्तालय द्वारा रेलवे पुल और पटरियों के समीप ६०० मीटर दूर तक रेत खनन पर पाबंदी लगा दी गई है।
क्या कहता है रेलवे प्रशासन?
रेलवे सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, मुंब्रा और कलवा खाड़ी और कल्याण के समीप खाड़ी क्षेत्र से रेत खनन की जानकारी रेलवे प्रशासन को मिली है। रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से ठाणे पुलिस से संपर्क कर मनाई आदेश जारी करने का आग्रह किया था।
क्या कहता है पुलिस प्रशासन?
ठाणे पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रेलवे प्रशासन के निर्देशानुसार रेलवे पुलों और पटरियों के समीप से रेत खनन से पुलों और पटरियों के ढहने की संभावना को ध्यान में रखकर रेत खनन पर मनाई आदेश जारी किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन इलाकों की निगरानी भी की जा रही है।
घट सकती है घटना?
रेलवे अभियंता ने नाम न छापने पर बताया कि रेलवे पुलों और पटरियों के समीप से यदि रेत खनन किया जाता है तो पुल और पटरियों के धंसने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि रेत खनन के बाद पुल और पटरियों का बेस सपोर्ट कमजोर हो जाती है। इसलिए आदेश जारी कर खनन पर रोक लगा दी गई है।

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