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यूपी में सूखे का खतरा! … बारिश न होने से किसान बेहाल

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ।
जरूरत के अनुसार बारिश न होने से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सूखे का खतरा बढ़ गया है। मौसम की दगाबाजी के चलते किसानों के चेहरे पर मायूसी दिख रही है। खेतों में दरारें पड़ चुकी हैं। जो किसान सिर्फ खेती करके अपना जीवन-यापन करते हैं उनके लिए सूखे की स्थिति काफी बड़ा संकट लेकर आई है। किसानों का कहना है कि इस बार उनके खाने भर को भी धान हो जाए तो बड़ी बात है। अगस्त का आधा महीना बीत चुका है लेकिन उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में अभी भी उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हो पाई है। कम बारिश के चलते धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। पूर्वांचल सहित प्रदेश के कई जिलों में सूखे के आसार दिखने लगे हैं। चंदौली, सोनभद्र, आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, बस्ती, कुशीनगर, सुल्तानपुर, बाँदा, रायबरेली, अम्बेडकर नगर, अयोध्या, और प्रयागराज तक के किसान बढ़िया बारिश न होने की वजह से परेशान हैं। कई जिलों के जिला कृषि अधिकारियों ने कहा कि अगर आगे भी मौसम ऐसे रहा तो जनपद सूखाग्रस्त घोषित हो सकता है। अब तक यहां सिर्फ 56 प्रतिशत ही बारिश हुई है।

पिपराइच के रहनेवाले किसान रामनारायण विश्वकर्मा कहते हैं कि अगर अभी एक-दो दिनों में बारिश होती है तो स्थिति को संभाला जा सकता है, वर्ना किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। वहीं, किसान बालकिशन यादव बताते हैं कि बहुत जरूरी है बारिश जल्द से जल्द हो जाए। सिंचाई से फसलों को उतना फायदा नहीं पहुंचेगा। बरसात के पानी से ही फसल को बचाया जा सकेगा। जो किसान सिर्फ खेती करके अपना जीवनयापन करते हैं उनके लिए सूखे की स्थिति काफी बड़ा संकट लेकर आएगी। कुशीनगर के उन्नतिशील किसान नितेश पांडेय ने कहा इस बार लीची और आम ने जब धोखा दिया था तब यह आशा थी कि फसल अच्छी हो जायेगी। लेकिन मुहाने पर खड़े जानलेवा सूखा न सिर्फ फसल बर्बाद करेगा बल्कि उससे चलते किसान बर्बादी के कागार पर है। अब भगवान जानें।

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