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महाराष्ट्र में ‘जीका’ का बढ़ा खतरा… नासिक में मिला एक और मरीज

-प्रदेश में ११ पर पहुंची रोगियों की संख्या

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

हिंदुस्थान में भले ही इस समय कोरोना वायरस के मामले मामूली रूप से बढ़ने लगे हैं और लोग भले ही राहत की सांस महसूस कर रहे हैं। लेकिन अब ‘जीका’ वायरस के एक बार फिर से सिर उठाने के कारण चिंता बढ़ने लगी है। इसी क्रम में अब जीका वायरस महाराष्ट्र के लिए सिरदर्द बन गया है। प्रदेश में अब तक कुल ११ मामले मिल चुके हैं। हाल ही में जीका का नया मामला नासिक के भारत नगर में मिला है। इन सबके बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।
महाराष्ट्र में राज्य में फैले डेंगू-मलेरिया के मामलों में तेजी से कमी आई है। हालांकि, इस समय श्वसन संक्रमण, सर्दी-खांसी, बुखार और वायरल फीवर के मामलों में इजाफा हो रहा है। इन सबके बीच मुंबई समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जीका वायरस के अब तक ११ मामले मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस साल मिले इन मामलों की पुष्टि की है। इसके तहत कोल्हापुर में चार, मुंबई में दो, इचलकरंजी में दो, पंढरपुर में एक, पुणे में एक और नासिक के भारत नगर में एक मामला मिला है। सबसे ताजा मामला नासिक के भारत नगर इलाके के एक २४ वर्षीय युवक में इस बीमारी के लक्षण दिखने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मरीज के मूत्र के नमूनों को परीक्षण के लिए एक निजी प्रयोगशाला में भेजा गया था। इसमें मूत्र के नमूनों में जीका वायरस पाया गया। फिलहाल, इन मरीजों की हालत स्थिर है, लेकिन क्षेत्र में संक्रमण को रोकने के लिए चिकित्सा विभाग ने युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ रखा है।
एडीज मच्छर के काटने से फैलता है वायरस
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, जीका वायरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह वही मच्छर है, जिसके काटने से डेंगू, चिकनगुनिया और येलो फीवर होता है। जीका वायरस के लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के लगभग एक सप्ताह बाद दिखाई देते हैं। इन सबके बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी अपने स्तर पर तैयारियां शुरू की हैं।
जीका वायरस के लक्षण
जीका वायरस के लगभग ८० प्रतिशत रोगियों में कोई लक्षण नहीं होते हैं, वहीं अन्य मरीजों में बुखार, बदन दर्द, आंखों में जलन, शरीर पर दाने, जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण पाए जाते हैं। शुरुआती लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे शरीर में इसका वायरस बढ़ता है, लक्षण ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को इसके प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं।

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