मुख्यपृष्ठसमाचार‘तारीख पर तारीख'... प्रभात गुप्ता मर्डर केस की सुनवाई फिर टली

‘तारीख पर तारीख’… प्रभात गुप्ता मर्डर केस की सुनवाई फिर टली

  • केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र ‘टेनी’ हैं आरोपी
  • सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा राजीव गुप्ता का परिवार

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
लखीमपुर के तिकुनियां पार्क में हुई प्रभात गुप्ता हत्याकांड में फिर सुनवाई टल गई है। प्रभात गुप्ता हत्याकांड में अब अगली सुनवाई ६ सितंबर को होगी। कल हुई सुनवाई में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में केस ट्रांसफर की अर्जी दी गई है। वहीं बीते ४ सालों से हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में प्रभात गुप्ता मर्डर केस में रिजर्व ऑर्डर को लेकर होनेवाली अंतिम सुनवाई ५ बार टल चुकी है। अब राजीव गुप्ता का परिवार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रहा है।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सोमवार को जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रेनू अग्रवाल की डबल बेंच में प्रभात गुप्ता मर्डर केस की सुनवाई के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के वकील सलील श्रीवास्तव ने कोर्ट में एप्लीकेशन डाली कि इस मामले में अंतिम बहस प्रयागराज के वकील गोपाल चतुर्वेदी को करनी है। लिहाजा उनकी तरफ से हाईकोर्ट चीफ जस्टिस को इलाहाबाद में केस ट्रांसफर की अर्जी डाली गई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हाई कोर्ट चीफ जस्टिस के यहां केस ट्रांसफर की अर्जी डाली गई है लिहाजा एप्लीकेशन पर निर्णय होने तक सुनवाई टाली जाती है और अब अगली सुनवाई ६ सितंबर को होगी। २२ साल पहले हुए प्रभात गुप्ता हत्याकांड में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा नामजद रहे हैं।
क्या था प्रभात गुप्ता मर्डर केस?
८ जुलाई २००० को लखीमपुर के तिकुनिया थाना क्षेत्र के बनवीरपुर गांव में दिन में लगभग ३.३० बजे प्रभात गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मर्डर केस में पिता संतोष गुप्ता ने मौजूदा समय में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के साथ शशि भूषण, राकेश डालू और सुभाष मामा को हत्या में नामजद आरोपी बनाया। आरोप लगाया गया कि प्रभात गुप्ता को दिन-दहाड़े बीच रास्ते में पहली गोली अजय मिश्रा ने उसकी कनपटी पर मारी और दूसरी गोली सुभाष मामा ने प्रभात के सीने में मारी थी, जिसके बाद प्रभात गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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