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‘मुर्दा’ लड़ेगा चुनाव!…सरकारी अभिलेखों में ‘मुर्दा’ माने जाने वाले संतोष खुद को जिंदा साबित करने के लिए वाराणसी सीट से लड़ेंगे चुनाव

उमेश गुप्ता / वाराणसी

वाराणसी लोकसभा सीट से अब ‘मुर्दा’ भी चुनाव लड़ेगा। उसने कलेक्ट्रेट से पर्चा खरीद ट्रेजरी चालान भी प्राप्त किया है। अब वह पूरी तैयारियों में जुटा हुआ है।
सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा होगा, लेकिन यह सच है। वाराणसी के रहने वाले संतोष मूरत सिंह 20 वर्षों से उत्तर प्रदेश सरकार के रिकॉर्ड में मृत हैं। वह स्वयं को जिंदा करने के लिए वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सफल नहीं हुए।
अब उन्होंने लोकसभा चुनाव में जोर आजमाइश करने को फैसला लिया है, जिससे वह चुनाव लड़कर स्वयं को जिंदा साबित कर सकें। संतोष सिंह बताते हैं कि वह सरकारी अभिलेखों में मृत हैं, पहले जिंदा हो जाएं, फिर मुद्दे की बात करें। कहा कि यदि मैं मरा हूं, तो फिर मीडिया के सामने कैसे आ रहा हूं।
संतोष मूरत सिंह ने कहा कि पहले भी मैं विधानसभा से लेकर राष्ट्रपति तक के कई चुनाव लड़ चुका हूं। 109 बार जेल जा चुका हूं। बावजूद इसके सरकारी अभिलेखों में मृत हूं। बताया कि वर्ष 2003 में जमीनी विवाद में उनके चचेरे भाई ने एक हलफनामा दायर किया था, जिसमें संतोष को लापता बताया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया और हलफनामा बनवाने वाले ने उनकी तेरहवीं कर साढ़े 12 एकड़ जमीन हड़प ली, तब से वह सरकारी अभिलेखों में मृत हैं।

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