मुख्यपृष्ठखबरेंघातक है ‘हार्टलैंड’!...वायरस का सितम न होगा कम

घातक है ‘हार्टलैंड’!…वायरस का सितम न होगा कम

•अमेरिका के कई राज्यों में फैला
सामना संवाददाता / मुंबई । वायरस का नाम सामने आते ही लोग सिहर उठते हैं। वायरस तो पहले भी थे पर कोरोना ने इसे काफी खौफनाक बना दिया है। यही वजह है कि जब भी खबरों में किसी नए वायरस के आने की आहट सुनाई पड़ती है तो लोग चौकन्ने हो जाते हैं। खौफनाक वायरस कोरोना-१९ दुनिया में कई लाख लोगों की जान ले चुका है। इसके नियंत्रण में आने के वाबजूद नए म्यूटेशन और वैरिएंट सिरदर्द बने हुए हैं। दुनिया के कई देश अभी भी कोरोना से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, ऐसे में एक नए वायरस की घुसपैठ हो गई है।
‘किलनी’ से फैलता है
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस नए वायरस का नाम हार्टलैंड है। यह वायरस ‘किलनी’ से पैâलता है। एमोरी यूनिवर्सिटी, जॉर्जिया के शोधकर्ताओं ने पाया है कि दुर्लभ और घातक हार्टलैंड वायरस जॉर्जिया में किलनी में मिला है। अमेरिका के कम से कम छह राज्यों में इस वायरस की सूचना मिली है। फिलहाल इस वायरस का कोई इलाज नहीं है और इससे खतरा अधिक उम्रवालों को ज्यादा है।
संक्रामक बीमारी है
एमोरी यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर की मानें तो यह संक्रामक बीमारी है, जिसे अच्छी तरह से अब तक समझा नहीं गया है। इसके बारे में जल्द से जल्द जानने की कोशिश की जा रही है और डर है कि कहीं यह एक बड़ी समस्या न बन जाए। हार्टलैंड वायरस को पहली बार २००९ चिह्नित किया गया था। २००९ और जनवरी २०२१ के बीच ११ मध्य पश्चिम और दक्षिणी अमेरिकी राज्यों में ५० से अधिक इसके मामले दर्ज किए गए। इनमें अर्कांसस, जॉर्जिया, इलिनोइस, इंडियाना, आयोवा, कंसास, केंटकी और मिसौरी शामिल हैं। हार्टलैंड वायरस के लक्षणों में बुखार, थकान, भूख में कमी, सिरदर्द, दस्त और मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द शामिल है। इसकी शिकायत करनेवाले कई लोग अस्पताल में भर्ती भी हुए। इसके अलावा इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति के प्लेटलेट काउंट, लीवर पर भी इसका असर पड़ता है। हार्टलैंड वायरस के लक्षण किसी व्यक्ति को दो सप्ताह बाद तक शुरू हो सकते हैं और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ जाती है।
कोई नियमित परीक्षण उपलब्ध नहीं
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में ऐसे लक्षण दिखाई देने पर कुछ और दिक्कत भी शुरू हो सकती है। डॉक्टर को दिखाएं यदि लगता है कि हार्टलैंड वायरस का संक्रमण है तो संभावित जांच के लिए कहा जाएगा। वायरस के लिए कोई नियमित परीक्षण उपलब्ध नहीं है। बीमारी का संदेह करनेवाला डॉक्टर राज्य के स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर सकता है। अमेरिका के डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन सीडीसी को मामले की रिपोर्ट कर सकता है। सीडीसी के अनुसार, वर्तमान में ऐसी कोई दवा नहीं है जो हार्टलैंड वायरस के संक्रमण को रोक सकती है या ठीक कर सकती है। दर्द और बुखार जैसे लक्षणों को दूर करने में मदद करने के लिए उपचार के विकल्पों में दवाएं या अन्य उपचार शामिल हो सकते हैं।
हिंदुस्थान को रहना होगा अलर्ट
जहां तक हिंदुस्थान का सवाल है तो अभी तक यहां इस वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। मगर जिस तरह से हाल के दिनों में देखने को मिला है कि कोरोना वायरस दुनिया में कहीं भी और किसी भी तरह से पैâल सकता है तो यह चिंता की बात हो सकती है। ऐसे में केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने की जरूरत है।

 

अन्य समाचार