" /> जानलेवा शौक…हनी ट्रैप में फंसकर गंवाई थी जान

जानलेवा शौक…हनी ट्रैप में फंसकर गंवाई थी जान

उधारी देनेवाले ने रची थी कत्ल की साजिश
एक आरोपी को मिली कोर्ट से राहत

ढाई साल पुराना राजेश्वर उदानी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक आरोपी को कोर्ट से मिली जमानत। इस बहुचर्चित हत्याकांड के तार बॉलीवुड से भी जुड़े थे। इस मामले में पुलिस ने एक लोकप्रिय टीवी धारावाहिक की अभिनेत्री से भी पूछताछ की थी, जो कि मुख्य आरोपी की पार्टनर थी। बीयर बार में जाने के शौकीन राजेश उदानी को उन्हीं के एक परिचित मित्र ने हनी ट्रैप में फंसा कर मौत के घाट उतार दिया था। क्योंकि उदानी ने उस परिचित से कुछ कर्जा ले रखा था और व्यवसाय में नुकसान के कारण उसका पैसा लौटा नहीं पा रहे थे। साथ ही राजेश्वर उसकी गर्लफ्रेंड पर भी डोरे डाल रहा था। नतीजतन राजेश्वर के राजशी शौकों से वाकिफ उस परिचित ने उन्हें अपनी गर्लप्रâेंड के साथ ऐयाशी कराने का झांसा दिया और फिर एकांत में ले जाकर मौत के घाट उतार दिया था।

राजेश्वर उदानी हत्याकांड में आरोपी रहे प्रणीत भोईर को मुंबई उच्च न्यायालय से लगभग ढाई साल पुराने मामले में जमानत मिल गई है। पुलिस ने प्रणीत को राजेश्वर की हत्या एवं हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था लेकिन अदालत प्रणीत के हत्या की साजिश में शामिल होने की पुलिस की थ्योरी को अस्वीकार कर दिया। प्रणीत पेशे से ऑटोरिक्शा चालक है तथा वारदात वाले दिन राजेश्वर उदानी हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता सचिन पवार के कहने पर वह उस दिन कार चला रहा था, जबकि उसे सचिन द्वारा रची गई साजिश के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। प्रणीत के वकीलों के इस तर्क को न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की खंडपीठ ने स्वीकार कर लिया।
ऐसे हुई थी राजेश्वर की हत्या
घाटकोपर स्थित पंतनगर इलाके में रहनेवाले राजेश्वर उदानी पेशे से स्वर्ण व्यवसायी थे। २८ नवंबर को ५७ वर्षीय राजेश्वर काम के सिलसिले में घर से बाहर निकले थे लेकिन वह अगले दिन सुबह तक वापस घर नहीं लौटे। राजेश्वर के परिजनों ने पंतनगर पुलिस थाने में उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। राजेश्वर जिस कार में घर से निकले थे वह स्विफ्ट डिजायर कार २९ नवंबर की रात ९ बजे पुलिस को घाटकोपर-पूर्व में इस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे स्थित विक्रोली ट्रैफिक पुलिस चौकी के पास खड़ी मिली। पंत नगर पुलिस अपहरण का मामला दर्ज करके जांच कर ही रही थी। उसी दौरान ३ दिसंबर को पनवेल के नेहरे गांव स्थित डैम के पास एक लावारिश लाश पुलिस को मिली। लाश लगभग सड़ चुकी थी। मृतक की शिनाख्त न हो सके इस नीयत से हत्यारों ने उनके कपड़े निकाल लिए थे। परंतु पुलिस के प्रयासों से मृतक की पहचान राजेश्वर उदानी के रूप में सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने ३ दिसंबर को अपहरण के साथ हत्या की धारा जोड़कर २५ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
मोबाइल फोन ने खोला राज
राजेश्वर के मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड से सचिन पवार का नाम पुलिस को मिला। पूछताछ में सचिन ने बताया कि राजेश्वर ने उससे कुछ रुपए उधार लिए थे। लेकिन वह उसे पैसे लौटा नहीं रहा था जबकि वह रोज बीयर बार में जाता था। इस बात पर सचिन व राजेश्वर के बीच तकरार चल रही थी। इसी बीच राजेश्वर, सचिन की गर्लप्रâेंड पर गलत नजर रखने लगा था। राजेश्वर उस पर डोरे डाल रहा था। गर्लप्रâेंड से ऐसी जानकारी मिलने के बाद सचिन ने उसे ठिकाने लगाने की योजना बना डाली। वारदात वाली शाम सचिन ने धोखे से राजेश्वर को एक अभिनेत्री के साथ ऐश कराने का झांसा देकर बुलाया था। विक्रोली ट्रैफिक पुलिस चौकी के पास राजेश्वर अपनी कार खड़ी करके सचिन द्वारा भेजी गई कार में बैठ गए। दावा किया गया था कि उस दौरान कार में एक मॉडल व दीपक पवार नामक एक बर्खास्त पुलिसकर्मी भी सवार था।
झांसा देकर कराया कत्ल
सचिन ने मॉडल को एक शूटिंग का झांसा दिया था। उन लोगों ने कार में पहले राजेश्वर को शराब पिलाई बाद में उसका गला घोंट दिया तत्पश्चात लाश को वे पनवेल में फेंक कर फरार हो गए थे। कार में बैठी मॉडल को लगा कि कोई फिल्मी दृश्य फिल्माया जा रहा है लेकिन बाद में वह समझ गई थी कि मामला गड़बड़ है लेकिन डर के कारण उसे अपना मुंह बंद करना पड़ा था।
वारदात के समय सचिन खुद तो उपस्थित नहीं था लेकिन वह फोन के जरिए अपने साथियों का मार्गदर्शन करता रहा। वारदात के लिए सभी ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से नया सिमकार्ड खरीद रखा था। वारदात के बाद आरोपियों ने अपने कपड़े सिमकार्ड आदि जला दिए थे। वारदात को अंजाम देने के लिए उसने एक गैरेज में अपनी कार का नंबर प्लेट बदलवाया था। वारदात के बाद सचिन, दीपक के साथ पहले मुरुड गया और बाद में वहां से गुवाहाटी भाग गया। इस मामले में पुलिस ने सचिन पवार, दिनेश पवार, सिद्धेश पाटील, महेश भोईर, साइस्ता खान, निखत खान तथा प्रणीत भोईर नामक ४ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।