मुख्यपृष्ठनए समाचारबर्थडे के दिन हुई मौत .... जीपीएस ने नदी को बता दिया सड़क

बर्थडे के दिन हुई मौत …. जीपीएस ने नदी को बता दिया सड़क

• कार के साथ डूबे दो डॉक्टर
• मरनेवालों में एक का था जन्मदिन
सामना संवाददाता / कोच्चि 
भले ही तकनीकी ने इंसानों की जीवन को सरल बना दिया है लेकिन कभी-कभी यही तकनीकी मौत का कारण भी बन जाती है। इसी तरह का एक मामला कोच्चि से सामने आया है, जहां दो डॉक्टर भारी बारिश में जीपीएस तकनीकी के चलते एक नदी में डूब गए और उनकी मौत हो गई। गनीमत रही कि कार में सवार तीन अन्य डॉक्टर खुद को बचाने में कामयाब रहे। दुखद यह है कि उस दिन मरने वाले एक डॉक्टर का जन्मदिन था और सभी खरीददारी कर लौट रहे थे। घटना केरल के एर्नाकुलम जिले के गोथुरुथ इलाके की है।
डॉक्टर का था जन्मदिन
मरने वाले दोनों डॉक्टरों में डॉ. अजमल त्रिशूर जिले के मूल निवासी थे और डॉ. अद्वैत कोल्लम के थे। जो लोग बच गए उनमें जिस्मोन और तमन्ना के अलावा डॉ थब्सीर शामिल हैं, जो क्राफ्ट अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में काम करते हैं। जिस्मॉन अस्पताल में नर्स है और तमन्ना पलक्कड़ में एमबीबीएस की छात्रा है। तीनों को कोच्चि के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद से ही सभी अंदर तक हिल गए हैं। डॉ. अद्वैत की मौत उनके बर्थडे के दिन ही इस तरह से होगी, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।
तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि
पुलिस और कोडुंगल्लूर क्राफ्ट अस्पताल के वरिष्ठ प्रबंधक अशोक रवि के अनुसार, जहां डॉक्टर काम करते थे, जीवित बचे लोगों में से एक डॉ. गाजिक थाबसीर ने खुलासा किया कि दुर्घटना जीपीएस की गलती की वजह से हुई। उन्होंने कहा कि हम जीपीएस का उपयोग कर रहे थे। चूंकि मैं गाड़ी नहीं चला रहा था, इसलिए मैं पुष्टि नहीं कर सकता कि यह एप्लिकेशन की तकनीकी खराबी थी या मानवीय त्रुटि?’
जीपीएस ने नदी को बताया सड़क 
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को डॉ. अद्वैत, डॉ. अजमल आसिफ और तीन अन्य लोग खरीददारी कर लौट रहे थे। अद्वैत २९ साल के हो गए थे और उस दिन उनका जन्मदिन भी था। वे पांचों कोच्चि से कोडुंगल्लूर लौट रहे थे। तभी भारी बारिश होने लगी और वे रास्ता भटक गए। जीपीएस ऑन करने के बाद वे जल्द ही वे सड़क किनारे पानी से भरे हुए उस हिस्से में आ गए, जहां से आगे उनकी गाड़ी नहीं जा पा रही थी। कुछ ही देर में उन्हें महसूस हुआ कि कार नदी पर खड़ी है। कुछ ही सेकंड में वे कार समेत नदी में समाने लगे। कुछ ही देर में उनकी चिल्लाहट थम गई और वे डूब चुके थे।

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