मुख्यपृष्ठनए समाचारश्रमजीवी ट्रेन विस्फोट कांड के आरोपियों को सजा-ए-मौत

श्रमजीवी ट्रेन विस्फोट कांड के आरोपियों को सजा-ए-मौत

सामना संवाददाता / जौनपुर

सिंगरामऊ के हरपालगंज रेलवे स्टेशन के पास श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में २८ जुलाई २००५ को हुए बम विस्फोट के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी पाए जाने पर मृत्युदंड की सजा और ५- ५ लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इस विस्फोटक कांड में १४ लोगों की मौत हुई थी और ६२ लोग घायल हुए थे। इस मामले में अन्य दोषियों को वर्ष २०१६ में ही मृत्युदंड से दंडित किया जा चुका है। इनकी अपील हाई कोर्ट में लंबित है। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में ट्रेन में बम रखने का आरोपी बांग्लादेश निवासी हिलाल उर्पâ हिलालुद्दीन व विस्फोट में सहयोग का आरोपित नफीकुल विश्वास को दोपहर बाद तीन बजकर २० मिनट पर कोर्ट में पेश किया गया। दोनों आरोपियों के ऊपर दोष सिद्ध होने पर सजाए मौत सुनाई गई है। इस दौरान न्यायालय परिसर में काफी संख्या में फोर्स की तैनाती रही। पैâसले के बाद दोनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया। बांग्लादेशी आरोपी हिलाल उर्पâ हिलालुदीन व बंगाल के नफीकुल विश्वास की पत्रावली करीब छह साल से अंतिम बहस में चल रही थी।

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