सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में मूसलाधार बारिश जारी है। मुंबई समेत विभिन्न जिलों में बारिश ने कहर बरपाया है। बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मराठवाड़ा और विदर्भ में हुई तेज बारिश से खेती की फसलों और किसानों को भारी नुकसान हुआ है। नदियों के तेज बहाव में पशु बह गए हैं और खेतों में पानी ही पानी भर जाने से किसानों को अतिवृष्टि का बड़ा झटका लगा है, जिसे देखते हुए राज्य में बाढ़ आपदा घोषित करने की मांग शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने की है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को विशेष अधिवेशन बुलाकर किसानों को तुरंत मदद देनी चाहिए। राज्य में बाढ़ आपदा घोषित करने और किसानों को राहत देने के लिए राकांपा (शरदचंद्र पवार) के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने तत्काल विशेष अधिवेशन बुलाने की मांग की है। विदर्भ, मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है, लेकिन अब तक पंचनामे (नुकसान का आकलन) पूरे नहीं हुए। जिन जगहों पर पंचनामे हुए हैं, वहां भी किसानों को अभी तक मदद नहीं मिली है इसलिए राज्य सरकार को तुरंत बाढ़ आपदा घोषित कर प्रति एकड़ ५० हजार रुपए की सहायता देनी चाहिए, ऐसी मांग विधायक शशिकांत शिंदे ने की है।
…तो किसान आंदोलन करेंगे
महायुति सरकार ने कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कह रहे हैं कि जरूरत पड़ी तो कर्जमाफी करेंगे, जबकि राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि सर्वसामान्य कर्जमाफी संभव नहीं है। उप मुख्यमंत्री अजीत पवार को याद नहीं। इसलिए अगर सरकार ने इस पर विचार करते हुए जल्द ही सर्वसामान्य कर्जमाफी की घोषणा नहीं की तो हम किसानों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे, ऐसी चेतावनी शशिकांत शिंदे ने दी है।
