मुख्यपृष्ठनए समाचारगणतंत्र दिवस परेड से दिल्ली-पंजाब की झांकियां आउट

गणतंत्र दिवस परेड से दिल्ली-पंजाब की झांकियां आउट

-दोनों मुख्यमंत्री केजरीवाल-मान केंद्र पर भड़के

-झांकी के जरिए शिक्षा-स्वास्थ्य मॉडल का देते प्रस्तुतिकरण

रमेश ठाकुर / नई दिल्ली

राजधानी में 26 जनवरी के मौके पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में इस बार दिल्ली की झांकी नहीं दिखाई देगी। केंद्र सरकार ने मना कर दिया है। इसको लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाकर जमकर हमलावर हुए हैं। उनका कहना है कि परेड में दिल्ली सरकार अपने स्वास्थ्य और शिक्षा के सफल मॉडल को झांकियों के जरिए प्रस्तुत करना चाहती थी, जो प्रधानमंत्री को नागवार गुजरी। वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने केंद्र के इस कदम को राजनीति से प्रेरित बताया। दिल्ली के अलावा केंद्र सरकार ने पंजाब की झांकी को भी परेड में शामिल नहीं करने का निर्णय किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवत मान भी गुस्से में हैं। उन्होंने इस निर्णय को पंजाबियों के अपमान से जोड़ा है। मान ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री का बस चले तो राष्टृगान में प्रयोग होने बाला ‘पंजाब’ शब्द भी हटा दें।
मालूम हो कि गणतंत्र दिवस की परेड में झांकियों का चयन रक्षा मंत्रालय की समिति करती है। उनके पास जब दिल्ली-पंजाब की झांकियों का प्रस्ताव पहुंचा तो स्वीकृति भी मिल गई, लेकिन समिति को जब पता चला कि दोनों प्रदेश अपने मॉडल की प्रस्तुति देंगे, तो बिना कारण बताए झांकियों को शामिल नहीं करने को बोल दिया। झांकियों के शामिल नहीं करने से दिल्ली और केंद्र सरकार में ठन गई है। इसको लेकर ‘आप’ कार्यकर्ता दिल्ली में हंगामा काट रहे हैं। ‘आप’ प्रवक्ता घनेंद्र भारद्वाज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी केजरीवाल से इसलिए घृणा करते हैं कि उनको दिल्ली और पंजाब में बुरी तरह हराया गया। हार का बदला वह दिल्ली और पंजाब की जनता से ले रहे हैं।

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