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एमएमआरडीए ऑफिस के बाहर शिवसैनिकों का प्रदर्शन …ईडी सरकार पानी को बना रही चुनाव का मुद्दा! …सूर्या वॉटर प्रोजेक्ट को लेकर भारी आक्रोश

सामना संवाददाता / मुंबई
ईडी सरकार हर मुद्दे को चुनाव से जोड़ने में लग गया है। मौजूदा सरकार द्वारा कई प्रोजेक्ट के कार्यों के लिए चुनाव को ध्यान में रखते हुए दिसंबर तक की तारीख निर्धारित की गई है। ऐसे ही सूर्या वाटर प्रोजेक्ट का मुद्दा भी है, जिसे मौजूदा सरकार चुनाव का मुद्दा बना रही है। सोमवार को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) कार्यालय के बाहर सूर्या प्रोजेक्ट को लेकर वसई-विरार और मीरा-भायंदर के शिवसैनिकों (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने धरना-प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में वर्ली से एमएलसी सुनील शिंदे और जिलाध्यक्ष पंकज देशमुख भी शामिल हुए।
पानी से रखा जा रहा है वंचित
पानी लोगों के लिए रोजमर्रा इस्तेमाल में आनेवाली चीजों में से एक है। एमएमआरडीए के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे शिवसैनिकों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जब सूर्या प्रोजेक्ट के पहले फेज का काम पूरा हो चुका है तो उसे आम लोगों के लिए शुरू क्यों नहीं किया जा रहा है? क्यों वसई-विरार और मीरा-भायंदर के निवासियों को उनकी रोजाना इस्तेमाल आने वाली सुविधा से वंचित रखा जा रहा है?
प्रोजेक्ट को बनाया जा रहा है मुद्दा
मौजूदा सरकार सूर्या प्रोजेक्ट को चुनाव का मुद्दा बना रही है और राज्य के मुख्यमंत्री इतने व्यस्त हैं कि उनके पास उद्घाटन करने का समय नहीं है। आज भी मुंबई उपनगर के कई क्षेत्रों के निवासी पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी परेशान हैं। सूर्या प्रोजेक्ट के तहत वसई-विरार महानगरपालिका को पहले फेज में १८५ एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाएगी, जबकि मीरा- भायंदर को २१८ एमएलडी पानी मिलेगा।
उठाए गए कई सवाल
आंदोलन के दौरान पंकज देशमुख द्वारा यह सवाल उठाया गया कि सूर्या प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा हुए कई महीने बीत चुके है, लेकिन उद्घाटन नहीं किया गया है। यहां तक कि एमएमआरडीए कमिश्नर ने हमें लेटर भी दिया है कि प्रोजेक्ट १०० प्रतिशत पूरा हो गया है। इसलिए हमारी मांग है कि यदि प्रोजेक्ट पूरा हो गया है तो हमें पानी की आपूर्ति की जाए, क्योंकि पानी की कमी होने के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ लोग खराब पानी पीने की वजह से बीमार भी हो जाते है। इसलिए यदि इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो हम आगे चलकर और आक्रामक भूमिका लेंगे।

सरकार ने अपने आंख-कान बंद कर लिए हैं। कुछ दिनों से महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार कुछ मुद्दों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। वसई-विरार में पानी की समस्या किसी से छिपी नहीं है। वहां के लोगों की यह इच्छा है कि पानी के मुद्दे पर राजनीति न की जाए, इसे चुनाव का मुद्दा न बनाया जाए। फिलहाल, हमें आश्वासन दिया गया है कि नवरात्रि तक इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया जाएगा।
-सुनील शिंदे,
एमएलसी (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)

 

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